एफएसएसएआई ने कहा, कीटनाशकों के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने की जरूरत
राजेश राजेश अजय
- 23 Aug 2024, 08:28 PM
- Updated: 08:28 PM
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) खाद्य नियामक एफएसएसएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जी कमला वर्धन राव ने उपभोक्ताओं को सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कीटनाशकों के इस्तेमाल को कम करने के लिए राज्यों से अंतर-मंत्रालयी समिति गठित करने को कहा है।
शुक्रवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में 22-23 अगस्त को केंद्रीय सलाहकार समिति (सीएसी) की 44वीं बैठक आयोजित की।
बैठक में खाद्य सुरक्षा आयुक्त (सीएफएस), राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के प्रतिनिधियों, एफएसएसएआई के वरिष्ठ अधिकारियों और खाद्य उद्योग तथा कृषि क्षेत्र के सदस्यों सहित 50 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।
राव ने ‘‘कीटनाशकों के इस्तेमाल पर चिंताओं को दूर करने के लिए एक अंतर-मंत्रालयी समिति के गठन पर चर्चा की।’’
एफएसएसएआई के सीईओ ने प्रस्ताव दिया कि प्रत्येक राज्य को ‘‘इस अंतर-मंत्रालयी समिति की स्थापना करनी चाहिए, जो कीटनाशकों के उपयोग को कम करने, नियंत्रण उपायों को लागू करने और किसान स्तर पर कीटनाशकों के उपयोग की निगरानी और विनियमन के लिए रणनीति विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करेगी।’’
नियामक ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य कृषि पद्धतियों को सुरक्षित और टिकाऊ बनाए रखना है, जिससे उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेषों से जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों से बचाया जा सके।
राव ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों (एफएसओ) और नामित अधिकारियों (डीओ) के रिक्त पदों को भरने और खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को अद्यतन करने की तत्काल आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करते हुए चल रही अंतरराज्यीय क्षेत्रीय परिषद बैठकों पर जोर दिया।
उन्होंने राज्यों से परीक्षण क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा।
इसके अलावा, राव ने राज्यों के भीतर प्रमुख स्थानों की पहचान करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जहां मोबाइल लैब, फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स (एफएसडब्ल्यू) तैनात किए जा सकते हैं।
ये मोबाइल लैब उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा व्यवहार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रसारित करने में सहायक होंगी। परीक्षण उपकरणों और रैपिड किटों से सुसज्जित एफएसडब्ल्यू वैन, खाद्य सुरक्षा और मानक विनियमों के अनुरूप खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा मापदंडों का त्वरित मूल्यांकन करती हैं। इसके परिणाम कुछ ही घंटों में उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे सार्वजनिक उपभोग के लिए खाद्य उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई संभव हो जाती है।
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