एएमएमए ने हेमा समिति की रिपोर्ट का स्वागत किया
खारी अविनाश
- 23 Aug 2024, 08:26 PM
- Updated: 08:26 PM
कोच्चि, 23 अगस्त (भाषा) एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट (एएमएमए) ने शुक्रवार को कहा कि वह न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्षों और सिफारिशों का स्वागत करता है और उन्हें लागू करने के पक्ष में है।
रिपोर्ट का स्वागत करते हुए, एएमएमए महासचिव सिद्दीकी ने कहा कि एसोसिएशन और वह सार्वजनिक तौर पर की जा रही टिप्पणियों से हताश हैं, जिनमें कुछ लोगों ने पूरे फिल्म जगत की निंदा की है।
अभिनेता ने कहा कि एसोसिएशन फिल्म उद्योग में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की पुलिस जांच और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने के पक्ष में है।
रिपोर्ट के संबंध में अब तक चुप्पी को लेकर एएमएमए की कड़ी आलोचना के बाद यहां आयोजित एक संवाददाताआ सम्मेलन में उन्होंने कहा, ‘‘हम हमेशा पीड़ितों के साथ हैं। हम कभी भी दोषियों को नहीं बचाएंगे।’’
सिद्दीकी ने इस बात पर स्पष्टीकरण दिया कि एसोसिएशन ने रिपोर्ट के बारे में अब तक कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन के कई सदस्य पिछले कुछ दिनों से किसी कार्यक्रम का अभ्यास कर रहे थे और जब रिपोर्ट सार्वजनिक की गई, तब वे सभी उसी में व्यस्त थे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कल सुबह ही अपना अभ्यास पूरा किया। उसके बाद हमने अपने सभी सदस्यों और कार्यकारी समिति की राय मांगी और अब हम आपके सामने हैं। यही कारण है कि हमारी ओर से प्रतिक्रिया में देरी हुई।’’
सिद्दीकी ने कहा कि एएमएमए रिपोर्ट की सामग्री से हैरान है, क्योंकि इसमें कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनके बारे में एसोसिएशन को जानकारी नहीं थी।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्षों और सिफारिशों के आधार पर फिल्म उद्योग में बदलाव के संबंध में एएमएमए के पास कोई अधिकार नहीं है, लेकिन वह ऐसा करने के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग करेगी।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जगदीश ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए और समिति की रिपोर्ट के संबंध में एएमएमए की ओर से प्रतिक्रिया में देरी के लिए माफी भी मांगी।
उन्होंने कहा कि यौन उत्पीड़न और शोषण की घटनाएं चाहे एक हों या अनेक, उनकी जांच होनी चाहिए और दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार ने समिति की रिपोर्ट को ‘‘पांच साल तक ठंडे बस्ते में’’ नहीं रखा होता तो बाद में की गई कई शिकायतों से बचा जा सकता था।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को यह बताना होगा कि रिपोर्ट के कुछ पन्नों का कथित तौर पर खुलासा क्यों नहीं किया गया, जबकि उन्हें सार्वजनिक करने पर कोई रोक नहीं थी।
अभिनेता ने कहा कि अब आगे की कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित की जानी है।
जगदीश ने कहा कि अगर एएमएमए का कोई भी सदस्य अभिनेत्रियों के यौन उत्पीड़न और शोषण के लिए जिम्मेदार पाया गया तो एसोसिएशन तुरंत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करेगा।
न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट 19 अगस्त को जारी की गई, जिसमें फिल्म उद्योग में महिला पेशेवरों के उत्पीड़न, शोषण और दुर्व्यवहार के बारे में गंभीर बातें दर्ज की गई हैं, तथा इसने केरल में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।
भाषा खारी