सिद्धरमैया के साथ खड़ी हुई कांग्रेस, आरोपों को सरकार अस्थिर करने का प्रयास करार दिया
अमित
- 23 Aug 2024, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) कांग्रेस नेतृत्व ने मैसूरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) से जुड़े मामले में शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का समर्थन किया और कहा कि ये आरोप राज्य में उसकी सरकार को अस्थिर करने तथा सरकार की विभिन्न ‘गारंटी’ को रोकने का प्रयास है, लेकिन पार्टी नहीं झुकेगी और न्यायपालिका में तथा जनता की अदालत में लड़ाई जारी रखेगी।
सिद्धरमैया और उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने यहां पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की तथा पूरे मामले से उन्हें अवगत कराया।
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने पिछले दिनों तीन अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत पर एमयूडीए में कथित वैकल्पिक भूखंड घोटाले में मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सिद्धरमैया के खिलाफ हमलावर है।
कांग्रेस नेतृत्व से सिद्धरमैया की मुलाकात के बाद कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा के ‘फ्रंटमैन’ की तरह काम कर रहे हैं तथा यह प्रयास किया जा रहा है कि ‘गृह लक्ष्मी’ और ‘अन्न भाग्य’ जैसी गारंटी को रोका जाए तथा कांग्रेस की सरकार को अस्थिर किया जाए।
उन्होंने दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार सिद्धरमैया पर नहीं, बल्कि कर्नाटक की जनता तथा एक ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) मुख्यमंत्री पर हमला कर रही है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस मामले पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने समेत सभी विकल्प खुले हुए हैं।
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हम हर हमले का सामना करेंगे, हम केंद्र सरकार और राज्यपाल के हमलों को सामना करेंगे...हम इस लड़ाई को न्यायपालिका में लड़ने के साथ ही जनता की अदालत में लड़ेंगे।’’
उन्होंने सवाल किया कि भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राज्यपाल ने पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा, एच डी कुमारस्वामी और भाजपा तथा जद(एस) के नेताओं के खिलाफ अनुमति क्यों नहीं दी?
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘हम इस लड़ाई में एकजुट खड़े हैं। हम अपने मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं।’’
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हमने कांग्रेस नेतृत्व को बताया कि राज्यपाल ने कैसे दलगत तरीके से काम किया है। हमें अदालत में भरोसा है, हमें कानून में विश्वास है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘राज्यपाल का फैसला असंवैधानिक और गैरकानूनी है। इसलिए हमें अदालत से न्याय मिलेगा।’’
शिवकुमार ने भी सिद्धरमैया का समर्थन किया और कहा कि कांग्रेस झुकने वाली नहीं है।
भाषा हक हक