कानपुर के पास पटरी से उतरे साबरमती एक्सप्रेस के 20 डिब्बे, जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं
पारुल सिम्मी
- 17 Aug 2024, 09:14 AM
- Updated: 09:14 AM
(तस्वीर सहित)
लखनऊ, 17 अगस्त (भाषा) वाराणसी से अहमदाबाद जा रही साबरमती एक्सप्रेस के कम से कम 20 डिब्बे कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन के पास शुक्रवार देर रात पटरी से उतर गए।
हालांकि, इस हादसे में जान-माल के नुकसान की फिलहाल कोई खबर नहीं है।
उत्तर-मध्य रेलवे (एनसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि यह हादसा देर रात करीब ढाई बजे हुआ। उन्होंने बताया कि साबरमती एक्सप्रेस के 20 डिब्बे कानपुर और भीमसेन रेलवे स्टेशन के बीच पटरी से उतर गए।
त्रिपाठी के मुताबिक, ट्रेन वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी और इस हादसे में किसी के मारे जाने या घायल होने की फिलहाल कोई खबर नहीं है। उन्होंने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
रेलवे बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, "ड्राइवर ने बताया कि ट्रेन के इंजन से कोई बड़ा पत्थर टकराया, जिससे इसके अगले हिस्से में जानवरों से बचाव के लिए लगा 'कैटल गार्ड' बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर मुड़ गया।"
अधिकारी ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और उत्तर प्रदेश पुलिस घटना में शरारती या असामाजिक तत्वों की संलिप्तता की जांच कर रही हैं, क्योंकि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि इंजन पटरी पर रखी किसी वस्तु से टकरा गया।
अधिकारी ने कहा, "ट्रेन के 16वें डिब्बे के पास हमें एक संदिग्ध वस्तु मिली है। इंजन के 'कैटल गार्ड' को पहुंचे नुकसान को देखकर ऐसा लगता है कि इंजन इसी संदिग्ध वस्तु से टकराया और पटरी से उतर गया।"
उन्होंने कहा, "हमने साक्ष्य सुरक्षित रखे हैं। आईबी और उत्तर प्रदेश पुलिस दोनों इस पर काम कर रही हैं।"
अधिकारी के अनुसार, जिस ट्रैक पर दुर्घटना हुई, उसी पर पटना-इंदौर एक्सप्रेस शुक्रवार देर रात एक बजकर 20 मिनट पर बिना किसी व्यवधान के गुजरी।
अधिकारी के मुताबिक, टक्कर की तेज आवाज के बाद जब ट्रेन रुकी, तब उसमें सवार ज्यादातर यात्री सो रहे थे।
विकास नाम के एक यात्री ने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, "कानपुर रेलवे स्टेशन से निकलने के कुछ ही देर बाद हमने एक तेज आवाज सुनी और रेल का डिब्बा हिलने लगा। मैं बहुत डर गया, लेकिन ट्रेन रुक गई।"
वाराणसी से सवार और अहमदाबाद जा रहे विकास ने बताया कि ट्रेन जब पटरी से उतरी, तब वह बहुत धीमी गति से चल रही थी। उसने कहा कि जैसे ही ट्रेन रुकी, यात्री अपने डिब्बों से बाहर निकलने लगे।
एक अन्य यात्री ने बताया कि मदद के इंतजार में ज्यादातर यात्री रेलवे पटरी के किनारे बैठे रहे।
उसने बताया, "घटना के करीब एक घंटे बाद पुलिस आई। हम अपने सामान के साथ रेलवे पटरी के किनारे बैठकर मदद का इंतजार कर रहे थे।"
उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने कहा, "यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए बस सहित अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गई हैं। सभी यात्रियों को घटनास्थल से निकाल लिया गया है।"
रेलवे के अनुसार, हादसे की वजह से सात ट्रेन रद्द कर दी गई हैं, जबकि तीन के मार्ग में बदलाव किया गया है।
त्रिपाठी ने बताया कि यात्रियों को बस से कानपुर सेंट्रल स्टेशन भेजा गया है, जहां से उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जाएगा। उन्होंने कहा, “इसके अलावा, आठ डिब्बों वाली एक मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन को कानपुर से दुर्घटनास्थल के लिए रवाना किया गया, ताकि यात्रियों को कानपुर लाकर उन्हें उनके गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की जा सके।”
त्रिपाठी के अनुसार, इस हादसे की वजह से कानपुर-झांसी मार्ग पर ट्रेन परिचालन बाधित हुआ है, जिसे बहाल करने के लिए रेलवे के तकनीकी अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “साबरमती एक्सप्रेस (वाराणसी-अमदावाद) का इंजन शुक्रवार देर रात दो बजकर 35 मिनट पर कानपुर के पास ट्रैक पर रखी किसी वस्तु से टकराकर पटरी से उतर गया। तेजी से टकराने के निशान देखे गए हैं। साक्ष्य सुरक्षित हैं। आईबी और उत्तर प्रदेश पुलिस भी इस पर काम कर रहे हैं। यात्रियों या कर्मचारियों को कोई चोट नहीं आई है। यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए ट्रेन की व्यवस्था की गई है।”
हादसे के बाद रेलवे ने यात्रियों और उनके परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
भाषा पारुल