अधिकारियों को कोई रेडियोधर्मी पदार्थ नहीं मिला, आरोप निराधार: पाक की टिप्पणियों पर विदेश मंत्रालय
नेत्रपाल माधव
- 16 Aug 2024, 10:30 PM
- Updated: 10:30 PM
नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा भारत में कथित ‘रेडियोधर्मी’ सामग्री की जब्ती पर चिंता जताए जाने के कुछ दिन बाद विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि संबंधित भारतीय अधिकारियों ने मामले की जांच की है और ‘‘कोई रेडियोधर्मी पदार्थ नहीं’’ पाया गया है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘‘निराधार टिप्पणियां’’ करने वालों को ‘‘दुष्प्रचार’’ से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत के पास रेडियोधर्मी सामग्री की सुरक्षा के लिए एक ‘‘मजबूत कानूनी और नियामक ढांचा’’ है तथा इसका अप्रसार ट्रैक रिकॉर्ड खुद इस बारे में बताता है।
अधिकारियों ने नौ अगस्त को कहा था कि बिहार पुलिस ने राज्य के गोपालगंज जिले से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से करोड़ों रुपये मूल्य का 50 ग्राम ‘‘रेडियोधर्मी पदार्थ’’ बरामद किया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज ज़हरा बलूच ने मंगलवार को इस संबंध में एक बयान जारी कर परमाणु एवं रेडियोधर्मी सामगग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नयी दिल्ली द्वारा उठाए गए उपायों की प्रभावशीलता पर चिंता जताई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से इस संबंध में बलूच द्वारा जारी बयान पर टिप्पणी मांगी गई थी।
जायसवाल ने कहा, ‘‘हाँ, हमने उन खबरों को देखा है, और कुछ टिप्पणियाँ भी देखी हैं। संबंधित भारतीय अधिकारियों ने बाद में मामले की जांच की है, और उन्हें कोई रेडियोधर्मी पदार्थ नहीं मिला है, जैसा कि बयान में दावा किया गया था।”
उन्होंने कहा कि वास्तव में भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) ने ‘‘एक बयान जारी किया है’’ और पत्रकारों से इस पर एक नज़र डालनी चाहिए।
जायसवाल ने कहा, ‘‘निराधार टिप्पणियाँ करने वालों को दुष्प्रचार से दूर रहने की सलाह दी जाती है। हम एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि भारत के पास रेडियोधर्मी सामग्री की सुरक्षा और संरक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी एवं नियामक ढांचा है। हमारा परमाणु अप्रसार ट्रैक रिकॉर्ड खुद इस बारे में बोलता है। निराधार आरोप लगाने वालों के बारे में जितनी कम बात की जाए उतना बेहतर है।’’
पता चला है कि डीएई ने एक रिपोर्ट में कहा है कि जब्त किए गए पदार्थ के आसपास रेडियोधर्मिता की कोई मौजूदगी नहीं थी।
भाषा नेत्रपाल