जम्मू-कश्मीर में तीन व हरियाणा में एक चरण में होंगे विधानसभा चुनाव, मतगणना चार अक्टूबर को
ब्रजेन्द्र अविनाश
- 16 Aug 2024, 07:40 PM
- Updated: 07:40 PM
(तस्वीर सहित)
नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच तीन चरणों में जबकि हरियाणा में एक ही चरण में एक अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दोनों विधानसभाओं के लिए मतगणना 4 अक्टूबर को होगी।
साल 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं।
कुमार ने इस बहुप्रतीक्षित चुनाव के कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए कहा कि 90 सदस्यीय जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पहले चरण के तहत 18 सितंबर को मतदान होगा जबकि दूसरे चरण के तहत 25 सितंबर को मतदान कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आखिरी चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा और मतों की गिनती चार अक्टूबर को की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने की घोषणा का सभी राजनीतिक दलों ने स्वागत किया और कहा कि लोग छह साल से केंद्र शासित प्रदेश में लोकतंत्र बहाल होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका स्वागत करते हुए कहा पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने अथक प्रयासों की एक श्रृंखला के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और लोकतंत्र को मजबूत करने का एक नया युग बनाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘विधानसभा चुनाव लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करेंगे, क्षेत्र के लिए विकास के एक नए दौर के द्वार खोलेंगे।’’
उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से चुनाव में बड़ी संख्या में भाग लेने और मतदान करके ऐसी सरकार बनाने की अपील की जो शांति और विकास को बनाए रखे और युवाओं के लिए एक उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग बदलाव के लिए तरस रहे हैं और वे न्याय के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगियों की ओर देख रहे हैं।
उन्होंने चुनाव की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लोगों तक पहुंचना चाहिए और राज्य में हमारी जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए।’’
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि देर आए दुरुस्त आए।
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। देर आए, दुरुस्त आए।’’
जम्मू-कश्मीर में पहले चरण में 24 सीटों पर जबकि दूसरे और तीसरे चरण में क्रमशः 26 और 40 सीटों पर मतदान होगा। जम्मू-कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 के नवंबर-दिसंबर में पांच चरणों में हुआ था। तब यह एक राज्य था और लद्दाख इसका हिस्सा था।
बहरहाल, कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों की घोषणा जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा जरूरतों के कारण बाद में की जाएगी। साल 2019 में हरियाणा के साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव करवाए गए थे।
कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में चुनाव संपन्न होने के बाद अन्य राज्य विधानसभा चुनावों की घोषणा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 42.6 लाख महिलाओं सहित कुल 87.09 लाख मतदाता हैं, जिनमें 20 लाख से अधिक युवा हैं।
उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। कुमार ने कहा कि मतदान के लिए कुल 11,838 मतदान केंद्र होंगे।
उन्होंने कहा कि इस पूर्ववर्ती राज्य के सभी उम्मीदवारों को उनके राजनीतिक दलों की मांग के अनुसार आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए वहां हर किसी में उत्सुकता है और वहां की आवाम तस्वीर बदलना चाहती है।
उन्होंने कहा कि आयोग के एक दल ने जम्मू-कश्मीर का दौरा भी किया था और उसके बाद वह वहां मौसम ठीक होने और अमरनाथ यात्रा खत्म होने का इंतजार कर रहा था।
केंद्र सरकार ने साल 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त कर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों... जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देता था।
इस फैसले को चुनौती देनी वाली याचिकाओं पर उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों की पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला देते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने का फैसला बरकरार रखा था।
इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को इस साल सितंबर तक इस पूर्ववर्ती राज्य में विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाने को कहा था।
हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीट के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा।
कुमार द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना पांच सितंबर को जारी होगी तथा नामांकन 12 सितंबर तक दाखिल किए जा सकते हैं। नाम वापसी की आखिरी तारीख 16 सितंबर होगी।
कुमार ने बताया कि मतदान एक चरण में एक अक्टूबर को होगा तथा चार अक्टूबर को मतगणना होगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के कुल 90 विधानसभा क्षेत्रों में 2.01 करोड़ मतदाता हैं जिनमें 95 लाख महिलाएं हैं।
हरियाणा में वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है। इसका कार्यकाल तीन नवंबर को पूरा हो रहा है।
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा ने जननायक जनता पार्टी (जजपा) के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई थी। हालांकि लोकसभा चुनाव में सीट साझेदारी को लेकर असहमति के बाद यह गठबंधन टूट गया था। बाद में भाजपा ने निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर अपनी सरकार बचा ली।
निर्वाचन आयोग ने मौसम की खराबी और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फिलहाल 46 विधानसभा सीट तथा वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा नहीं की।
हालांकि उसने कहा कि स्थिति में सुधार होते ही छह महीने की निर्धारित समयसीमा के भीतर उपचुनाव करा दिए जाएंगे।
कुमार ने यह भी कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि ये चुनाव एक साथ कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि केरल के वायनाड में भूस्खलन की हालिया घटना के कारण तत्काल हालात ऐसे नहीं हैं कि वहां लोकसभा चुनाव कराए जाएं।
वायनाड में भूस्खलन के कारण 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संसदीय चुनाव में रायबरेली और वायनाड दोनों सीट से निर्वाचित हुए थे। उन्होंने वायनाड सीट छोड़ दी जिस वजह से वहां उपचुनाव होना है। कांग्रेस की ओर से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा वहां से उम्मीदवार होंगी।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, ‘‘कुल 47 सीट पर उपचुनाव होने हैं। इनमें विधानसभा की 46 सीट हैं।’’
देश में जिन 46 विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होना है उनमें 10 सीट उत्तर प्रदेश से हैं। असम में पांच और बिहार में चार विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं।
भाषा ब्रजेन्द्र
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