संतों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के संबंध में केंद्र से कदम उठाने को कहा
सं दीप्ति नोमान
- 11 Aug 2024, 08:35 PM
- Updated: 08:35 PM
हरिद्वार,11 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश में हिन्दू समाज के साथ हो रहे अत्याचार पर साधु-संतों ने रविवार को गंभीर चिंता जाहिर करते हुए केंद्र सरकार से इस संबंध में ठोस कदम उठाने की मांग की और कहा कि जरूरत पड़ने पर संत समाज बांग्लादेश कूच करने को भी तैयार है।
यहां अवधूत मण्डल आश्रम में साधु-संतों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है और मंदिरों को तोड़ा जा रहा है ।
उन्होंने कहा कि वहां हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं तथा उनके प्रतिष्ठानों को जलाया जा रहा है और उनकी हत्याएं की जा रही हैं।
महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहा कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले नहीं रूके तो भारत का संत समाज जरूरत पड़ने पर बांग्लादेश कूच के लिए भी तैयार है।
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्री मंहत पुरी ने कहा कि इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाए और बांग्लादेश को कड़ी चेतावनी दे जिससे बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
बैठक में महामण्डलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा कि बांग्लादेश की घटना से हिंदू समाज उद्वेलित है और आरोप लगाया कि चुन-चुनकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि महिलाओं व बालिकाओं के साथ बलात्कार कर उनकी हत्या की जा रही है। गिरि ने दावा किया कि हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में रोहिंग्या व बांग्लादेशी मुसलमान रह रहे हैं, उन्हें भी देश से बाहर किया जाना चाहिए अन्यथा वे देश के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं ।
महामण्डलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश महाराज ने केंद्र को बांग्लादेश में हिंदुओं व मठ-मंदिरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना पूछा कि एक वर्ग विशेष से प्रेम का समय-समय पर इजहार करने वाले आज चुप क्यों हैं?
उन्होंने कहा कि भारत की मदद से फलने-फूलने वाले बांग्लादेश की नई पीढ़ी में जहर घोलकर भारत को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है जिससे केंद्र को सतर्क रहना चाहिए ।
महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी इस संबंध में मौन साधे बैठा है।
इससे पूर्व संतों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी भेजा और मामले में संयुक्त राष्ट्र सहित अन्य मंचों पर बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने का आग्रह किया ।
भाषा सं दीप्ति