असम पुलिस के साथ ‘मुठभेड़’ में मारे गए तीन युवकों के निजी अंगों पर चोट के निशान थे: रिपोर्ट
सिम्मी सुरेश
- 08 Aug 2024, 10:14 PM
- Updated: 10:14 PM
गुवाहाटी, आठ अगस्त (भाष) असम पुलिस के साथ कछार जिले में पिछले महीने हुई कथित मुठभेड़ में मारे गए तीन युवकों के निजी अंगों समेत शरीर के विभिन्न हिस्सों में घाव और चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उसके बाद की अंतिम राय, जांच रिपोर्ट और हलफनामे जैसे सरकारी दस्तावेजों से पता चलता है कि तीनों के शरीर पर कई घाव, खरोंच और चोटें थीं जो गोलियों के कारण नहीं लगी थीं। इन रिपोर्ट तक ‘पीटीआई’ की पहुंच है।
याचिकाकर्ताओं की वकील देबस्मिता घोष ने कहा कि मृतकों के परिवार के सदस्यों ने यातना और न्यायेतर हत्या का आरोप लगाते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की थी और उन्होंने इस मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से स्वतंत्र जांच कराए जाने तथा एक-एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तीनों युवकों के शवों पर कई घाव थे। युवकों के निजी अंगों पर चोट के निशान थे। ये घाव केवल मुठभेड़ के कारण नहीं हो सकते।’’
पुलिस के साथ 17 जुलाई को हुई मुठभेड़ में असम निवासी लल्लुंगावी हमार (21) और लालबीकुंग हमार (33) तथा मणिपुर निवासी जोशुआ (35) की मौत हो गई थी। असम पुलिस ने इन्हें संदिग्ध हमार उग्रवादी बताया था।
असम पुलिस ने दावा किया है कि 17 जुलाई को कछार जिले में सुरक्षा बलों के साथ भीषण मुठभेड़ में ये तीनों मारे गए थे और घटनास्थल से कई अत्याधुनिक हथियार जब्त किए गए थे।
न्यायमूर्ति कल्याण राय सुराना और न्यायमूर्ति सौमित्र सैकिया की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को कहा कि याचिकाकर्ताओं को सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएमसीएच) के मुर्दाघर में रखे शवों को अपने कब्जे में लेकर उनका अंतिम संस्कार करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
आदेश में कहा गया, ‘‘यदि मृतक के परिवार के सदस्य शवों को सड़क मार्ग से असम से बाहर ले जाना चाहते हैं, तो वे कछार के पुलिस अधीक्षक को सूचित करेंगे, जो शवों को ले जाने में मृतक के परिवार के सदस्यों की मदद करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे।’’
इसमें कहा गया, ‘‘उन्हें निकटतम हवाई अड्डे या असम की निकटतम सीमा तक रसद सहायता प्रदान की जाएगी।’’
अदालत ने युवकों की मौत के लिए कथित रूप से जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश संबंधी परिवार के सदस्यों की अंतरिम अर्जी के संबंध में असम सरकार को नोटिस भी जारी किया।
इसके अलावा, पीठ ने मामले में 30 अगस्त तक विस्तृत हलफनामा दायर करने की राज्य की याचिका को स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की।
भाषा
सिम्मी