गणेश चतुर्थी के आयोजन के लिए आप की मान्यता रद्द करने की अर्जी पर राहत नहीं दी जा सकती: अदालत
राजकुमार सुरेश
- 06 Aug 2024, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि धर्मनिरपेक्षता के संवैधानिक सिद्धांत का कथित रूप से उल्लंघन कर 2021 में गणेश चतुर्थी समारोह आयोजित करने को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) की मान्यता रद्द करने संबंधी जनहित याचिका पर वह कोई राहत नहीं दे सकता।
याचिकाकर्ता वकील एम एल शर्मा ने दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में सत्तारूढ़ पार्टी आप ने धार्मिक समारोह आयोजित करने के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल किया, इसलिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत इसकी मान्यता रद्द की जानी चाहिए और इसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जानी चाहिए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन एवं न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि किसी राजनीतिक दल की मान्यता खत्म करना एक ‘गंभीर मामला’ है और इस तरीके से ‘यह नहीं किया जा सकता है।’
खंडपीठ ने कहा, ‘‘राहत देने लायक कुछ है ही नहीं।’’
उच्च न्यायालय ने कहा कि विभिन्न त्योहारों पर जनता को शुभकामनाएं और बधाई देते हुए सरकार इश्तहार प्रकाशित करती है तो क्या याचिकाकर्ता यह दलील भी देंगे कि यह भी संविधान में उल्लेखित धर्मनिरपेक्षता के विरूद्ध है।
पीठ ने कहा, ‘‘सरकार किसी को हिंदू धर्म में शामिल हो जाने या बौद्ध धर्म अपना लेने के लिए नहीं कह रही है। सरकार बस इतना कह रही है कि त्योहार मनाइए। राज्य सरकार बस इतना कह रही है कि यह त्योहार है, इसे मनाइए।’’
अदालत ने कहा कि जहां तक प्राथमिकी दर्ज करने की बात है तो याचिकाकर्ता जनहित याचिका के माध्यम से इस मामले को आगे बढ़ाने के बजाय कानून के तहत उचित कार्यवाही शुरू करें।
अदालत ने दलीलें रखने के दौरान याचिकाकर्ता को उनके स्वास्थ्य के कारण कुछ परेशानी महसूस करने पर जनहित याचिका पर सुनवाई टाल दी। पीठ ने याचिकाकर्ता से इस बीच याचिका में कुछ बदलाव करने को कहा।
पीठ ने उच्च न्यायालय के ‘ऑन-कॉल’ डॉक्टर को याचिकाकर्ता की चिकित्सकीय जांच करने को भी कहा।
चुनाव आयोग के वकील ने कहा कि उसके खिलाफ याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और याचिकाकर्ता आयोग को ‘राजनीतिक दलदल’ में घसीट रहे हैं।
उच्च न्यायालय ने 20 सितंबर, 2021 को नोटिस जारी कर याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार और चुनाव आयोग (ईसी) से जवाब मांगा था।
याचिकाकर्ता शर्मा ने आम जनता के हित में संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के कथित तौर पर जानबूझकर उल्लंघन करने के कारण आप को एक राजनीतिक दल के रूप में मान्यता रद्द करने और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं अन्य मंत्रियों को संवैधानिक पद से हटाने का निर्देश देने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि आप के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने 10 सितंबर, 2021 को गणेश चतुर्थी कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका टेलीविजन चैनलों पर सीधा प्रसारण किया गया। याचिका में कहा गया है कि यह उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित संवैधानिक आदेश का उल्लंघन है कि सरकार धार्मिक समारोहों को बढ़ावा नहीं दे सकती है।
इस मामले की अगली सुनवाई अक्टूबर में होगी।
भाषा राजकुमार