वायनाड भूस्खलन के लिए केरल को दोषी ठहराना केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की साजिश : राज्य के मंत्री
रवि कांत सुभाष
- 06 Aug 2024, 06:49 PM
- Updated: 06:49 PM
तिरुवनंतपुरम, छह अगस्त (भाषा) केरल के उद्योग मंत्री पी राजीव ने मंगलवार को दावा किया कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भूस्खलन के लिए राज्य की नीतियों को दोषी ठहराने की ‘‘साजिश’’ रची।
राजीव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य की नीतियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए वैज्ञानिकों से केरल विरोधी आलेख लिखवा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसी ने भी इस साजिश को आगे नहीं बढ़ाया, तो केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव खुद झूठे बयानों के साथ आगे आए।
उन्होंने कहा कि इसका खुलासा कुछ खबरों द्वारा किया गया है।
राज्य के उद्योग मंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री की उस टिप्पणी के जवाब में यह बात कही, जिसमें उन्होंने कहा था कि केरल सरकार ने राज्य के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में ‘‘अवैध बस्तियों के विस्तार और खनन’’ की अनुमति दी, जिसके परिणामस्वरूप वायनाड जिले में विनाशकारी भूस्खलन हुआ।
यादव ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा था कि उसने मानव बस्तियों की अनुमति देते समय स्थलाकृति, भू-आकृति विज्ञान, पर्वतीय ढलान और वनस्पति जैसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कारकों की अनदेखी की।
उन्होंने कहा था, ‘‘अत्यधिक बारिश के कारण ये घटनाएं हुईं।’’
राजीव ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि इस तरह की साजिश ऐसे समय रची गई, जब पूरा राज्य बचाव कार्यों में जुटा हुआ था।
उन्होंने कहा कि मीडिया में आई खबरों में, इस आपदा के लिए राज्य सरकार की नीतियों को दोषी ठहराने के प्रयासों को उजागर किया गया है, जिसमें पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा ''वैज्ञानिकों से अप्रमाणित जानकारी के आधार पर केरल विरोधी आलेख प्राप्त करने के कथित प्रयास'' भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब किसी ने इसे आगे नहीं बढ़ाया तो केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव खुद झूठे बयान लेकर आगे आ गए।’’
उन्होंने कहा कि मलयालम मीडिया ने पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दावे को झूठा करार दे दिया है कि केरल को भूस्खलन के बारे में पूर्व चेतावनी दी गई थी।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ केंद्र सरकार द्वारा चेतावनी देने में विफलता स्पष्ट है, और भविष्य में इस मामले को छिपाने की कोशिश का पर्दाफाश हो जाएगा। राज्य सरकार भूस्खलन का वैज्ञानिक अध्ययन कराने का प्रयास कर रही है, जो ऐसे क्षेत्र में हुआ है जहां मानवीय हस्तक्षेप नहीं हुआ है।’’
केरल के वायनाड के गांवों में पिछले सप्ताह हुई भूस्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 222 तक पहुंच गई है। राज्य सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, कुल मृतकों में 97 पुरुष, 88 महिलाएं और 37 बच्चे शामिल हैं।
भाषा रवि कांत