भाजपा-जद(एस) ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘मैसूरु चलो’ मार्च शुरू किया
अमित माधव
- 03 Aug 2024, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
बेंगलुरु, तीन अगस्त (भाषा) कर्नाटक में विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी जद (एस) ने राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को बेंगलुरु से सात दिवसीय ‘मैसूर चलो’ मार्च शुरू किया।
भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) ने सिद्धरमैया पर मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) में अवैध साइट आवंटन घोटाले में संलिप्तता का आरोप लगाया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र और जद (एस) की युवा इकाई के अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने ढोल की थाप के बीच बिगुल बजाकर मार्च की शुरुआत की। मार्च 10 अगस्त को मैसूर में एक बड़ी जनसभा के साथ समाप्त होगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के मामले में शामिल हैं और उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने भाजपा और जद (एस) दोनों के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘सिद्धरमैया के लिए बेहतर होगा कि वे स्वयं ही इस्तीफा दे दें और शालीनता से पद छोड़ दें।’’
इस अवसर पर कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा कि कांग्रेस को मुख्यमंत्री को नोटिस जारी करने के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘नोटिस दिए जाने के बाद आप (सिद्धरमैया) कांपने लगे हैं। कोई केवल कल्पना कर सकता है कि जब मुख्यमंत्री पर मुकदमा चलाने की अनुमति उनके (राज्यपाल) द्वारा दी जाएगी तो क्या होगा।’’
केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस दलित समुदायों के उत्थान की बात करती है, लेकिन एमयूडीए और वाल्मीकि निगम घोटाले में उन्होंने जो किया, उससे उनका दलित विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। उन्होंने अगले कुछ महीनों में सरकार के गिरने का पूर्वानुमान जताया।
आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार का 'दादा' है। उन्होंने हासन में संवाददाताओं से कहा, "अगर भ्रष्टाचार का कोई दादा है, तो वह भाजपा है। हम '40 प्रतिशत भ्रष्टाचार' किसे कहते हैं? यह केवल भाजपा है।"
सिद्धरमैया ने कहा कि कर्नाटक ठेकेदार संघ के अध्यक्ष डी केम्पन्ना ने आरोप लगाया था कि राज्य की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार 40 प्रतिशत कमीशन ले रही थी।
कुमारस्वामी के पूर्वानुमान पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धरमैया ने कहा, "हमें देखना होगा कि एच डी कुमारस्वामी कितने दिन केंद्रीय मंत्री बने रहते हैं। लोगों ने हमें आशीर्वाद दिया और 136 लोगों को चुना। वे 37 थे (2019 के विधानसभा चुनाव में)। वे घटकर 19 रह गए हैं। क्या कुमारस्वामी को यह याद है?"
एमयूडीए घोटाला शहर के किसी सुदूर कोने में मौजूदा जमीन के बदले पॉश इलाके में वैकल्पिक जमीन हासिल करने से संबंधित है।
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि एमयूडीए वैकल्पिक साइट घोटाले का आकार 3,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती भी लाभार्थी हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एमयूडीए ने मैसूर के बाहरी इलाके केसरूर में उनकी पत्नी की चार एकड़ जमीन पर अवैध रूप से एक ‘लेआउट’ बनाया, लेकिन उसे अधिग्रहित किये बिना। उनके अनुसार, उनकी पत्नी मुआवजे की हकदार थीं और इसलिए उन्हें एमयूडीए द्वारा जमीन आवंटित की गई।
अधिवक्ता-कार्यकर्ता टी जे अब्राहम द्वारा दायर एक याचिका के आधार पर, राज्यपाल ने 26 जुलाई को नोटिस जारी किया और मुख्यमंत्री को उनके खिलाफ आरोपों पर अपना जवाब सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिसमें यह भी बताया जाए कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए।
कर्नाटक सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल को एमयूडीए 'घोटाले' पर सिद्धरमैया को दिए गए कारण बताओ नोटिस को वापस लेने की "सलाह" दी और आरोप लगाया कि यह कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने के प्रयास का हिस्सा है।
भाषा अमित