बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ नहीं: तृणमूल नेता
सिम्मी प्रशांत
- 23 Jul 2024, 06:10 PM
- Updated: 06:10 PM
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने मंगलवार को कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल के लिए कुछ भी नहीं है और यह बजट भारत के लिए नहीं बल्कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के लिए है।
ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी के सांसदों ने बजट का विरोध करते हुए राज्यसभा से बहिर्गमन किया।
तृणमूल के वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने इसे ‘‘कुर्सी बचाओ बजट’’ करार देते हुए कहा, ‘‘इस बजट का उद्देश्य (प्रधानमंत्री) नरेन्द्र मोदी की कुर्सी बचाना है। यह राजग का बजट है, भारत का नहीं।’’
कल्याण बनर्जी ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘पिछली बार उन्होंने ओडिशा को कई परियोजनाएं दीं। अब वे (भाजपा) जीत (राज्य में विधानसभा चुनाव) गए हैं, इसलिए ओडिशा के लिए कुछ नहीं है। बंगाल के लिए भी कुछ नहीं है।’’
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल को धन से वंचित रखा गया है।
अभिषेक बनर्जी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आपने देखा है कि कैसे बंगाल को इस भाजपा सरकार द्वारा लगातार वंचित रखा गया है। क्या बंगाल से 12 भाजपा सांसदों के चुने जाने का कोई सकारात्मक परिणाम हुआ? नहीं। कुल नतीजा सिफर है, क्योंकि बंगाल को लगातार प्रताड़ित और वंचित किया जा रहा है।’’
उन्होंने बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी की इस टिप्पणी का जिक्र किया कि ‘‘जो हमारे साथ है, हम उनके साथ हैं।’’
अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने (अधिकारी ने) जो कहा वह आज साबित हो गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने केवल अपनी सरकार बचाने के लिए बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज आवंटित किए हैं। हमें किसी भी राज्य को कुछ भी आवंटित किए जाने से कोई समस्या नहीं है, लेकिन बंगाल को वंचित क्यों रखा जाना चाहिए?’’
उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई है लेकिन उसी बंगाल को वंचित रखा गया है और लोग निश्चित रूप से इसका फिर करारा जवाब देंगे।’’
तृणमूल की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा कि उन्होंने बजट के विरोध में संसद के ऊपरी सदन से बहिर्गमन किया।
उन्होंने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह एक असफल बजट है। यह गठबंधन के दो सहयोगियों - बिहार और आंध्र प्रदेश - को रिश्वत देने के लिए लाया गया है। यह बजट सरकार के स्वत:गिरने से पहले गठबंधन के सहयोगियों को रिश्वत देने के लिए है।’’
घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल नेताओं ने इस बंगाल विरोधी बजट का विरोध किया है। तृणमूल ने राज्यसभा से बहिर्गमन किया। यह संघीय व्यवस्था के खिलाफ है। आप राजनीति की वेदी पर संघीय भावना की बलि नहीं चढ़ा सके। यह नैतिक रूप से घृणित, संवैधानिक रूप से अनैतिक और आर्थिक रूप से विनाशकारी है।’’
राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिम बंगाल के साथ ‘‘खुलेआम और बेशर्मी से’’ भेदभाव किया गया है।
पार्टी की एक अन्य राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव ने कहा कि पश्चिम बंगाल को 1.6 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय राशि बकाया है। उन्होंने सवाल किया कि जनगणना हुए बिना बजट की प्रक्रिया कैसे पूरी की जा रही है।
तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘इस बजट को केंद्रीय बजट नहीं कहा जाना चाहिए। यह आंध्र प्रदेश और बिहार को खुश रखने वाला बजट है। यह अपनी कुर्सी बचाने और कुछ अन्य को खुश रखने के लिए लाया गया बजट है।’’
घोष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल की उपेक्षा करने और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रशासन द्वारा शुरू की गई सफल सामाजिक कल्याण योजनाओं की नकल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट देश के मूल मुद्दों से निपटने में विफल रहा और केवल आंकड़ों में हेरफेर किया गया एवं बयानबाजी की गई।
पूर्व राज्यसभा सदस्य ने बजट प्रस्तावों को केंद्र के वित्तीय और राजनीतिक दिवालियेपन का प्रतीक बताया।
भाषा सिम्मी