सत्तारूढ़ भाजपा ने बजट को सराहा, पर विपक्ष ने इसे मायूस करने वाला और निरर्थक बताया
राजकुमार
- 23 Jul 2024, 05:56 PM
- Updated: 05:56 PM
लखनऊ, 23 जुलाई (भाषा) संसद में मंगलवार को पेश केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने इसे रामराज्य की अवधारणा को साकार करने वाला बताया जबकि समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने इसे मायूस करने वाला और निरर्थक करार दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को संसद में पेश किये गए केंद्रीय बजट को 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और अमृत काल के सभी संकल्पों को सिद्ध करने वाला बजट बताया है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी, विकासोन्मुखी होने के साथ ही 140 करोड़ देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और अमृत काल के सभी संकल्पों को सिद्ध करने वाला है।
उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके के लिए बजट में किया गया प्रावधान रामराज्य की अवधारणा को साकार करने वाला है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बजट के लिए प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विशेष रूप से अन्नदाताओं, महिलाओं की समृद्धि, युवाओं के रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, एमएसएमई और मध्यम वर्ग पर ध्यान केंद्रित करने वाला बजट है।’’
मौर्य ने कहा कि यह कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और लचीलापन, रोजगार एवं कौशल, समावेशी मानव संसाधन विकास एवं सामाजिक न्याय, विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र, शहरी विकास, ऊर्जा संरक्षण, अवसंरचना, नवाचार, अनुसंधान एवं विकास और नई पीढ़ी के सुधार, चतुर्दिक समृद्धि एवं सशक्त विकास को समर्पित बजट है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का बजट विकसित भारत की मजबूत इमारत, देश को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने और इसके सर्वांगीण विकास, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित शानदार बजट है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘एक्स’ पर लिखा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट सामाजिक न्याय, समानता और समान अवसर की अवधारणा को चरितार्थ करने वाला एवं आधुनिक भारत के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
बजट के लिए मोदी और सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त करते हुए एक अन्य पोस्ट में पाठक ने कहा कि केंद्रीय बजट में युवा शक्ति के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। उन्होंने कहा कि दो लाख करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ पांच साल की अवधि में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल एवं अन्य अवसरों के लिए पांच योजनाओं और पहलों का जिक्र किया गया है।
लोकसभा चुनाव में वाराणसी संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि यह बजट देश की जनता को भ्रमित करने वाला है और इसमें महंगाई, रोजगार, स्वास्थ्य या शिक्षा का कोई जिक्र नहीं है।
राय ने कहा कि इस बजट में उत्तर प्रदेश या वाराणसी के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र के लिए कुछ नहीं दे पा रहे हैं तो यह पूरा बजट ही निरर्थक है, इसमें आम जनता के हित के लिए कुछ भी नहीं है।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने केन्द्रीय बजट को ‘अच्छे दिन’ की उम्मीदों वाला कम, मायूस करने वाला ज्यादा बताया।
मायावती ने ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, ‘‘संसद में आज पेश केन्द्रीय बजट अपने पुराने ढर्रे पर कुछ मुट्ठी भर अमीरों एवं धन्नासेठों को छोड़कर देश के गरीबों, बेरोजगारों, किसानों, महिलाओं, मेहनतकशों, वंचितों और उपेक्षित बहुजनों को त्रस्त जीवन से मुक्ति दिलाने वाले ’अच्छे दिन’ की उम्मीदों वाला कम बल्कि उन्हें मायूस करने वाला ज्यादा है।’’
सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता आई पी सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सवाल उठाया कि मोदी भक्त बताएं कि राज्य को बजट में क्या मिला। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मोदी जी ने उत्तर प्रदेश से हार का बदला ले लिया है।
‘आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन’ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बजट को नौकरीपेशा कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए बेहद निराशाजनक बताया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र खासकर ‘ट्रांसमिशन सेक्टर’ और राज्यों की विद्युत वितरण कंपनियों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए बेहद निराशाजनक है ।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने ‘एक्स’ पर कहा कि 2024-25 का आम बजट भारत को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। चौधरी ने कहा कि अंत्योदय को समर्पित बजट नि:संदेह गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा समेत समाज के समस्त वर्गों की उम्मीदों एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरने वाला है।
उन्होंने कहा कि अंत्योदय के प्रण और समग्र विकास के संकल्प को आकार देता यह बजट नवीन भारत के स्वर्णिम युग को और मजबूती प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि वह इस बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति समस्त देशवासियों और प्रदेशवासियों की तरफ से हार्दिक आभार प्रकट करते हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए आम बजट (2024-25) पर उत्तर प्रदेश में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।
एक उद्योग निकाय ने इसका स्वागत किया, जबकि किसानों के कल्याण के लिए काम करने वाले एक गैर-सरकारी संगठन ने कहा कि सरकार के पास देश के गरीब लोगों के साथ-साथ किसानों को देने के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।
केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय उद्योग एसोसिएशन (आईआईए) के अध्यक्ष नीरज सिंघल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, "आईआईए बजट का स्वागत करता है। एमएसएमई के लिए बैंकिंग संबंधी सुधार अच्छे हैं। इससे विभिन्न एमएसएमई इकाइयों को राहत मिलेगी। बजट में घोषित कौशल विकास और रोजगार संबंधी उपायों से भी एमएसएमई क्षेत्र को काफी मदद मिलेगी।"
बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय किसान मंच के अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के नेता शेखर दीक्षित ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सरकार के पास देश की गरीब जनता और किसानों के लिए कुछ भी ठोस नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि जब देश की 90 प्रतिशत आबादी के लिए कुछ नहीं है तो ऐसा लगता है कि यह उद्योगपतियों के लिए बजट है, इस बजट का देश की गरीब जनता और किसानों से क्या लेना-देना है?
लखनऊ के कर अधिवक्ता आशीष कुमार त्रिपाठी ने कहा, "संतुलित बजट होने के बावजूद अर्थशास्त्र और राजनीति के बीच विरोधाभास रहा, जिसके कारण मध्यम वर्ग को उनकी उम्मीदों के मुताबिक आयकर में छूट का 'वनवास' इस बार भी खत्म नहीं हो सका।"
हालांकि त्रिपाठी ने पांच साल की अवधि में 500 शीर्ष कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने के प्रस्ताव की सराहना की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को पांच साल की अवधि में एक करोड़ युवाओं को 500 शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इस योजना के तहत युवाओं को 5,000 रुपये प्रति माह का इंटर्नशिप भत्ता और 6,000 रुपये की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी।
भाषा आनन्द