आंध्र प्रदेश : लोगों को बारिश से सचेत करने और नुकसान को रोकने के लिए कदम उठाने का निर्देश
जितेंद्र माधव
- 19 Jul 2024, 07:00 PM
- Updated: 07:00 PM
अमरावती, 19 जुलाई (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बारिश से प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ शुक्रवार को समीक्षा बैठक की और उन्हें मौसम विभाग से जानकारी लेकर बारिश व बाढ़ की स्थिति का अनुमान लगाने का निर्देश दिया ताकि लोगों को सतर्क किया जा सके और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पहले से तैयारी करने और जान-माल के नुकसान को रोकने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।
नायडू ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “अब तक राज्य भर में औसत 185 मिलीमीटर (मिमी) बारिश के मुकाबले 244 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पूरे राज्य में 31 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।”
कुछ स्थानों पर 130 मिमी बारिश भी दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तालाबों, नदियों और अन्य जल निकायों के उफनते किनारों पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। नायडू ने आरोप लगाया कि पिछली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार द्वारा रेत के अंधाधुंध खनन के कारण गोदावरी नदी के किनारे कमजोर हो गए हैं और अधिकारियों को उन पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
राजस्व विभाग और सिंचाई अधिकारियों को समन्वय में काम करने का आदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें बाढ़ नियमावली के आधार पर निर्णय लेने की सलाह दी।
नायडू ने अल्लूरी सीताराम राजू (एएसआर), पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, कोनसीमा और काकीनाडा जिलों के अधिकारियों के साथ बातचीत की।
इससे पहले नायडू ने राज्य में विभिन्न स्थानों पर हुई भारी वर्षा को लेकर कुछ अधिकारियों के साथ बैठक की है और इस खराब मौसम की वजह से होने वाली जनहानि को रोकने या उसे न्यूनतम करने के तौर-तरीकों पर चर्चा की है।
मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार रात में इलुरु के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस की।
बृहस्पतिवार को जारी किये गये एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘‘ मुख्यमंत्री ने मनुष्यों और मवेशियों को मौत के मुंह में जाने से रोकने के उपाय करने का निर्देश दिया। आंध्र प्रदेश के 15 गांवों तथा तेलंगाना के तीन गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने की आशंका है।’’
राज्य सरकार के मुताबिक इलुरु जिले में पेड्डावागु नदी उफान पर है और दो स्थानों पर तटबंध टूटने की आशंका है।
बृहस्पतिवार को इलुरु जिले के अधिकारियों ने पड़ोसी राज्य तेलंगाना से सटे नारायणपुरम में बाढ़ के पानी के तेज प्रवाह के कारण कट्टामैसम्मा मंदिर के समीप फंसे 25 लोगों को बाहर निकाला।
इसी तरह जीलुगुमिल्ली मंडल के राउथुगुडेम गांव में अधिकारियों ने मिट्टी हटाने वाली एक मशीन की मदद से 11 लोगों को बचाया। वेलेरुपाडु मंडल में कोडिशेला नहर में फंस गये पांच लोगों को ग्रामीणों ने बचाया। इन लोगों की कार बाढ़ के पानी में करीब-करीब बह गयी थी।
आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक विज्ञप्ति में बताया कि बृहस्पतिवार रात सात बजे तक जंगारेड्डीगुडेम और कोय्यालागुडेम में क्रमशः 137 मिलीमीटर (मिमी) और 111 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि कोनसीमा जिले के मंडपेटा में 99 मिमी बारिश हुई।
पूर्वी गोदावरी जिले के काडियम और निदादावोलु में क्रमशः 92 मिमी और 91 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
प्राधिकरण का कहना है कि 18 स्थानों पर भारी वर्षा और 85 स्थानों पर मध्यम वर्षा हुई।
विशाखापत्तनम स्थित भारतीय नौसेना की पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) ने बृहस्पतिवार को शहर के पश्चिम में 250 किलोमीटर की दूरी पर कोयामादरम में बाढ़ के कारण फंसे 28 लोगों को वहां से निकाला।
ईएनसी ने एक बयान में बताया कि राज्य सरकार के अनुरोध पर नौसेना ने तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया तथा डोर्नियर पी81 समेत सात विमानों को इस काम में लगाया।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश (एनसीएपी) और यनम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा होने और दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश (एससीएपी) के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने का अनुमान लगाया है। इन क्षेत्रों में शनिवार को भी भारी वर्षा का अनुमान है।
भाषा जितेंद्र