उपभोक्ता आयोग ने 'अमीनो-स्पाइक्ड' व्हे प्रोटीन बेचने के लिए कंपनी को फटकार लगाई
देवेंद्र नरेश
- 17 Jul 2024, 06:34 PM
- Updated: 06:34 PM
मुंबई, 17 जुलाई (भाषा) एक उपभोक्ता आयोग ने अपने स्वास्थ्य उत्पादों में से एक में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने के लिए ‘‘अज्ञात’’ अमीनो एसिड का इस्तेमाल करने के लिए एक निजी कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया और कहा कि ऐसे उत्पाद चिंता का कारण हैं और स्वास्थ्य पर इनके प्रतिकूल प्रभावों से इनकार नहीं किया जा सकता।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (मुंबई उपनगरीय) ने 15 जुलाई को पारित अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता ने सही कहा है कि इस तरह के उत्पादों का सेवन करना शरीर और दिमाग के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
इसने कंपनी ‘बिग मसल्स न्यूट्रिशन’ को शिकायतकर्ता द्वारा खरीदे गए उत्पाद की लागत और प्रयोगशाला में जांच के वास्ते हुए खर्च के लिए 36,409 रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया।
आदेश में कहा गया है, ‘‘अध्ययनों से पता चलता है कि इस तरह के स्पाइक प्रोटीन पाउडर के इस्तेमाल से अल्पकालिक दुष्प्रभाव सिरदर्द, मुंहासे, सूजन, मतली और दस्त भी हो सकते हैं। इसके अलावा, ‘अमीनो-स्पाइक्ड व्हे प्रोटीन’ के लंबे समय तक सेवन से कुछ दीर्घकालिक दुष्प्रभाव जैसे हृदय और लीवर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।’’
इसमें कहा गया है कि हाल में पूरे भारत में ऐसी मौतें हुई हैं, जो निम्न गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य/न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों के सेवन के कारण हुई हैं।
आदेश में कहा गया है कि इसी के परिणामस्वरूप, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भारत में ऐसी खाद्य/स्वास्थ्य उत्पाद विनिर्माण कंपनियों की अनुचित गतिविधियों की निंदा की।
आयोग ने कहा, ‘‘इस संबंध में हालांकि शिकायतकर्ता द्वारा कोई रिपोर्ट, साक्ष्य या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, लेकिन उक्त उत्पाद की प्रयोगशाला में की गई जांच के जरिये रिकॉर्ड पर लाई गई उत्पाद की सामग्री में विषमता निश्चित रूप से चिंता का कारण है और इस तरह के प्रतिकूल प्रभावों को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता।’’
इसने कहा कि अज्ञात अमीनो एसिड के जरिये प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने का प्रयास निंदनीय है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
शिकायतकर्ता ने एक ई-वाणिज्य मंच से ‘बिग मसल्स न्यूट्रिशन’ का व्हे प्रोटीन 1,599 रुपये में खरीदा था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, कंपनी द्वारा उक्त उत्पाद के विज्ञापन में दावा किया गया है कि ‘‘व्हे प्रोटीन पाउडर में 24 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन है जिसमें कोई अतिरिक्त चीनी नहीं है’’।
कंपनी द्वारा किए गए भ्रामक दावों के बारे में उत्पाद की आलोचना होने के बाद हालांकि शिकायतकर्ता ने उक्त उत्पाद की प्रयोगशाला में जांच कराने का निर्णय लिया।
इसके बाद आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता को खरीदे गए उत्पाद की कीमत और प्रयोगशाला परीक्षण के खर्च के तौर पर 36,409 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया।
भाषा देवेंद्र