उषा ने अंतिम के कोचों को सूची में जगह नहीं देने के लिए डब्ल्यूएफआई तदर्थ पैनल को फटकार लगाई
सुधीर नमिता
- 17 Jul 2024, 05:04 PM
- Updated: 05:04 PM
नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने बुधवार को निलंबित भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) का प्रबंधन करने वाले तदर्थ पैनल की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि समिति ने पेरिस ओलंपिक खेलों के आयोजकों को भेजी गई लंबी सूची में पहलवान अंतिम पंघाल के कोचों के नाम नहीं दिए।
आईओए की प्रतिक्रिया खेलों के लिए अंतिम के पसंदीदा कोचों को वीजा मंजूरी मिलने में देरी के मद्देनजर आई है।
हिसार में प्रशिक्षण लेने वाली 19 साल की पंघाल पेरिस खेलों के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय पहलवान थीं। उन्होंने 2023 में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर ओलंपिक में जगह बनाई थी।
अंतिम चाहती हैं कि उनके कोच भगत सिंह और विकास तथा फिजियोथेरेपिस्ट हीरा उनके साथ यात्रा करें। आईओए ने सभी नामों को मंजूरी दे दी है लेकिन अंतिम से जुड़े सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को अब भी वीजा मंजूरी का इंतजार है।
उषा ने एक बयान में कहा, ‘‘अंतिम ने बेलग्रेड में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर सितंबर 2023 की शुरुआत में ही भारत को ओलंपिक कोटा दिला दिया था। कुश्ती का संचालन करने वाली तदर्थ समिति ने अपनी समझदारी से ओलंपिक खेल आयोजन समिति को भेजे गए नामों की लंबी सूची में अंतिम के कोच या फिजियोथेरेपिस्ट का नाम शामिल नहीं करने का फैसला किया।’’
पहलवानों को तीन अगस्त को पेरिस पहुंचना है और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को दो अगस्त को ‘बायोमेट्रिक्स’ के लिए समय मिला है।
आईओए ने दिसंबर 2023 में अपनी कार्यकारी समिति के सदस्य भूपेंद्र सिंह बाजवा को तदर्थ पैनल का प्रमुख नियुक्त किया था जबकि एमएम सोमाया तथा मंजूषा कंवर इसके अन्य सदस्य हैं।
आईओए अध्यक्ष ने पर्याप्त ध्यान नहीं देने के लिए साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) पर भी परोक्ष रूप से कटाक्ष किया।
उषा ने कहा, ‘‘यह अजीब बात है कि जिन जिम्मेदार अधिकारियों ने खिलाड़ियों, कोचिंग और सहयोगी स्टाफ की लंबी सूची को मंजूरी दी थी उन्होंने भगत सिंह या हीरा या विकास को शामिल करने की सिफारिश करना उचित नहीं समझा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले अंतिम के पिता आईओए में आए, उसके बाद ही मैंने मंत्रालय से उन्हें मंजूरी दिलवाई।’’
इस बीच आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि पंघाल को वीएफएस (वीजा सुविधा सेवा) के पास जाने के बजाय आईओए से हस्तक्षेप के लिए संपर्क करना चाहिए था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘अगर वह हमारे पास आती तो हम फ्रांसीसी दूतावास से अनुरोध करते और यह आसानी से हो जाता क्योंकि दूतावास बहुत सहायक है। हम हस्तक्षेप करते और समाधान की तलाश करते लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें किसी ने गुमराह किया है।’’
आईओए प्रमुख ने समर्थन के लिए फ्रांसीसी दूतावास की सराहना की।
भाषा सुधीर