भारत-दक्षिण अफ्रीका 2000 श्रृंखला के कुछ मैच फिक्स थे, कुछ को फिक्स करने की कोशिश की गयी : अदालत
आनन्द नमिता
- 13 Jul 2024, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
नयी दिल्ली, 13 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष 2000 के क्रिकेट मैच फिक्सिंग घोटाले मामले में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये और कहा कि भारत-दक्षिण अफ्रीका टेस्ट और वनडे श्रृंखला के कुछ मैच फिक्स थे तथा अन्य को भी फिक्स करने का प्रयास किया गया था।
दक्षिण अफ्रीका की टीम हैंसी क्रोन्ये के नेतृत्व में 19 फरवरी से 19 मार्च 2000 तक दो टेस्ट और पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला के लिए भारत दौरे पर आयी थी।
अदालत ने कहा, ‘‘जांच से यह भी निष्कर्ष निकला कि कुछ मैच फिक्स थे और कुछ अन्य मैच फिक्स करने की कोशिश की गई थी।’’
जांच में कहा गया है कि 24 से 28 फरवरी तक मुंबई में पहले टेस्ट मैच में यह निर्णय लिया गया था कि दक्षिण अफ्रीकी टीम एक पारी में 250 से अधिक रन नहीं बनाएगी। किंग्स कमीशन के समक्ष क्रोन्ये और पीटर स्ट्राइडम के बयान से भी यह स्पष्ट है।
बेंगलुरु में दो से छह मार्च तक हुए दूसरे टेस्ट मैच को लेकर अदालत ने कहा, ‘‘किंग्स कमीशन के सामने दिए गए बयानों के मुताबिक हैंसी क्रोन्ये ने अन्य खिलाड़ियों से बात की थी, लेकिन यह मैच फिक्स नहीं था, हालांकि इसे फिक्स करने की कोशिश की गई थी।’’
अपने समक्ष मौजूद सबूतों पर गौर करते हुए अदालत ने माना कि नौ मार्च को कोच्चि में पहला वनडे मैच फिक्स था।
इसमें कहा गया, ‘‘16 मार्च, 2000 को रिकॉर्ड की गई बातचीत में क्रोन्ये ने बकाया भुगतान की मांग की और किंग्स कमीशन के समक्ष उन्होंने संजीव चावला से पैसे लेने की बात स्वीकार की। यह स्पष्ट रूप से साबित करता है कि पहल एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच को फिक्स किया गया था। ’’
अदालत ने 12 मार्च को जमशेदपुर में दूसरे वनडे, 15 मार्च को फरीदाबाद में तीसरे वनडे और 17 मार्च को बड़ौदा में चौथे वनडे के बारे में कहा कि क्रोन्ये ने किंग्स कमीशन के सामने अपने बयान में कहा था कि ‘वह भविष्यवाणी कर रहे थे कि क्या होगा।’
अदालत ने कहा, ‘‘ इससे पता चलता है कि ये मैच फिक्स नहीं थे लेकिन यह अनुमान लगाया जा सकता है कि हैंसी क्रोन्ये ने आरोपी व्यक्तियों को अंदरूनी जानकारी देने में मदद की। इससे उन्हें सट्टा लगाने और भारी मुनाफा कमाने में मदद की।’’
अदालत ने 19 मार्च को नागपुर में हुए पांचवें वनडे को लेकर कहा कि रिकॉर्ड की गई बातचीत के मुताबिक, ‘‘यह स्पष्ट है कि हैंसी क्रोन्ये मैच का स्कोर तय करने के लिए सहमत हो गए थे और वह हर्षल गिब्स का व्यक्तिगत स्कोर को भी तय करने के लिए सहमत हो गए थे। उन्होंने विलियम्स से अपने 10 ओवरों में 50 से अधिक रन देने के लिए भी बात की थी। गिब्स और विलियम्स, दोनों को 15000 डॉलर देने का वादा किया गया था।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘ ये खिलाड़ी हालांकि मैच के दौरान समझौते के बारे में भूल गए और सहमत शर्तों के अनुसार नहीं खेले लेकिन यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि मैच को फिक्स करने का गंभीर प्रयास किये गये थे।’’
अदालत ने आगे कहा, ‘‘रिकॉर्ड की गई बातचीत से, यह पता चला है कि आरोपी व्यक्तियों के बीच, आपराधिक साजिश का हिस्सा रहे दक्षिण अफ्रीका टीम के सदस्यों को भुगतान के लिए हवाला लेनदेन के माध्यम से बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा का भी आदान-प्रदान हुआ है।’’
भाषा आनन्द