पंजाब के डीजीपी ने अधिकारियों से कहा, छोटे अपराधों में भी प्राथमिकी दर्ज करने को प्राथमिकता दें
धीरज पवनेश
- 12 Jul 2024, 10:35 PM
- Updated: 10:35 PM
चंडीगढ, 12 जुलाई (भाषा) पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शुक्रवार को राज्य में अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने और सभी जिला प्रमुख को छिनैती और चोरी सहित छोटे अपराधों में भी प्राथमिकता से प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि पुलिस महानिदेशक ने क्षेत्र में कार्यरत सभी वरिष्ठ अधिकारियों और परिचालन विंग के प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें सभी पुलिस जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया और संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई का जायजा लिया गया।
यादव ने कहा, ‘‘मेरे संज्ञान में आया है कि क्षेत्र में कार्यरत अधिकारी आमतौर पर प्राथमिकी दर्ज करने में आनाकानी करते हैं खासतौर पर छोटे अपराधों के मामले में। सभी जिलों में प्राथमिकी का निशुल्क पंजीकरण होना चाहिए, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।’’
बैठक में विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के विशेष डीजीपी कुलदीप सिंह, आंतरिक सुरक्षा के विशेष डीजीपी आर एन ढोके, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के अपर डीजीपी प्रमोद बान शामिल हुए। बैठक में पुलिस आयुक्त (सीपी), रेंज पुलिस महानिरीक्षक/डीआईजी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भी मौजूद रहे।
डीजीपी यादव ने सभी पुलिस आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को जघन्य अपराधों में गिरफ्तारी करने और समयबद्ध तरीके से अदालत में चालान पेश करने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोषसिद्धी दर में सुधार के लिए अधिकारियों से विचाराधीन मामलों की समीक्षा के वास्ते साप्ताहिक बैठक करने को कहा।
सभी पुलिस जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए उन्होंने अच्छा काम करने वाले जिलों के प्रयासों की सराहना की तथा खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों के प्रमुखों को स्थिति में सुधार लाने को कहा।
उन्होंने पुलिस आयुक्तों और एसएसपी को घोषित अपराधियों (पीओ) और भगोड़ों की गिरफ्तारी पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।
राज्य के पुलिस प्रमुख ने राज्य में अधिकाधिक ग्राम स्तरीय रक्षा समितियां (वीएलडीसी) गठित करने पर भी ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया।
डीजीपी ने कहा कि प्रत्येक गांव में एक वीएलडीसी होना चाहिए और उन्होंने 12,000 वीएलडीसी बनाने का लक्ष्य दिया। मौजूदा समय में 6500 वीएलडीसी है जो सुरक्षा बलों की मदद कर रही हैं।
आंतरिक सुरक्षा के विशेष डीजीपी आर एन ढोके ने डीजीपी यादव को बताया कि इस साल पंजाब पुलिस ने पांच आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 35 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है।
भाषा धीरज