विदेश में उच्च अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति योजना को बंद करने का विचार नहीं: राजस्थान के मंत्री
पृथ्वी कुंज राजकुमार
- 12 Jul 2024, 07:18 PM
- Updated: 07:18 PM
जयपुर, 12 जुलाई (भाषा) राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि विदेश में उच्च अध्ययन के लिए मेधावी विद्यार्थियों को राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार दी जाने वाली छात्रवृत्ति बंद नहीं की जाएगी।
वह विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि पूर्व में यह योजना 'राजीव गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस' के नाम से चलती थी जिसमें 500 विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष लाभ पहुंचाने का लक्ष्य था।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने इस योजना का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद के नाम पर रखा है और लाभान्वित होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी संशोधन किया है। उन्होंने कहा कि राज्य के महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे आठ लाख विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने की दृष्टि से यह बदलाव किया गया है।
गहलोत ने कहा कि योजना में रसूखदार व्यक्तियों के बच्चों के बजाय जरूरतमंद वर्ग के मेधावी बच्चों को लाभ देने के उद्देश्य से भी बदलाव किया गया है तथा आगामी समय में मेधा के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने केंद्र सरकार से अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की बकाया छात्रवृत्ति राशि प्राप्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जबकि वर्तमान सरकार के प्रयासों से वर्ष 2023-24 में राज्य सरकार को प्राप्त संभावित आवेदनों के सिलसिले में 401.39 करोड़ रूपये एवं पहले के बकाया 257. 42 करोड़ रूपये समेत कुल 658.81 करोड़ रूपये के प्रस्ताव भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय को भेजे गए थे।
उन्होंने कहा कि उसमें से 220 करोड़ रूपये प्राप्त कर राज्य सरकार द्वारा पात्र छात्रों के खाते में अंतरित कर दिए गए हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के प्रयासों से जल्द ही 438.81 करोड़ की शेष राशि भी केंद्र सरकार से प्राप्त कर ली जाएगी।
इससे पहले विधायक इन्द्रा के मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने बताया कि विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं को बंद करने का वर्तमान में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
भाषा पृथ्वी कुंज