पंजाब भाजपा के पूर्व प्रमुख सुनील जाखड़ ने शाह से नशा तस्करी की NIA और ED जांच की मांग की
IANS
- 17 Oct 2026, 04:10 PM
- Updated: 04:10 PM
नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब भाजपा के नेता सुनील जाखड़ ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पंजाब की जेलों से कथित तौर पर संचालित हो रहे नशे के कारोबार की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने और अवैध तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की।
अपने पत्र में जाखड़ ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की कथित हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब में नशे के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। उन्होंने मानसा की उस घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें नशे की बिक्री का विरोध करने पर एक युवक को गोली मार दी गई थी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना पर पंजाब सरकार के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है।
पंजाब के मानसा में 2024 में एक ड्रग इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए जाखड़ ने कहा कि पंजाब पुलिस ने आरोपी के पास से करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया था। इसमें 24 बैंक खातों में जमा 7.09 करोड़ रुपये, दो बैंक लॉकर, 1.49 करोड़ रुपये नकद, 260 ग्राम सोना, विदेशी मुद्रा और 2.40 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल थी।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब के पुलिस महानिदेशक ने भी बताया था कि ड्रग इंस्पेक्टर जेल में बंद तस्करों से जुड़े गिरोह के सरगना के रूप में काम कर रहा था और नशीले पदार्थों की बिक्री में मदद कर रहा था। उनके मुताबिक, इस मामले में जेलों से संचालित नशा तस्करी नेटवर्क, सीमा पार तस्करी के संबंध और करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ था, इसलिए इसकी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू से जांच होनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने न तो एनआईए जांच की मांग की और न ही मामला ईडी को सौंपा। जाखड़ ने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर को जमानत मिलने के बाद सरकार ने उसे सेवा में बहाल कर दिया और विभाग के मुख्यालय में महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त कर दिया।
जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार भी मानती है कि दवाओं का दुरुपयोग एक गंभीर समस्या है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से ड्रग इंस्पेक्टर सेसम कुमार से जुड़े मामले की एनआईए और ईडी से जांच कराने की मांग की, ताकि गिरोह के पीछे शामिल लोगों की पहचान हो सके।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच में पता लगाया जाए कि नशे के मामले में गिरफ्तारी के बावजूद संबंधित इंस्पेक्टर को महत्वपूर्ण पद पर किसके कहने पर नियुक्त किया गया। जाखड़ ने आरोप लगाया कि वह इंस्पेक्टर आप सरकार के लिए अवैध कमाई का जरिया बन गया है। उन्होंने कहा कि जांच से सरकारी संरक्षण में जेलों से चल रहे नशे के कारोबार और इससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हो सकेगा।