मोदी, बर्नहम ने व्यापार समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाने का संकल्प लिया
सुरेश
- 31 Jul 2026, 09:08 PM
- Updated: 09:08 PM
नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्रिटेन के उनके समकक्ष एंडी बर्नहम ने शुक्रवार को भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को ''नयी ऊंचाइयों'' पर ले जाने और हाल ही में लागू हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते से मिलने वाले व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने का संकल्प लिया।
मोदी और बर्नहम ने फोन पर बातचीत के दौरान दोनों देशों के संबंधों के अहम पहलुओं पर चर्चा की। बीस जुलाई को बर्नहम के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली फ़ोन कॉल थी।
ब्रिटेन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों प्रधानमंत्रियों ने पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की और तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने बर्नहम को शीर्ष पद संभालने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा, ''हम प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच परस्पर संबंधों जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने और भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सहमत हुए।''
मोदी ने कहा, ''हम दोनों देशों के लोगों की साझा समृद्धि और कल्याण के लिए हाल ही में लागू हुए भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते से मिलने वाले व्यापार और निवेश के अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।''
हालिया समय के सबसे बड़े व्यापार समझौतों में से एक माने जाने वाले इस व्यापार समझौते को 15 जुलाई को लागू किया गया।
तीन साल की बातचीत के बाद पिछले साल जुलाई में तय हुआ यह समझौता, ब्रिटेन को होने वाले भारत के लगभग 99 प्रतिशत निर्यात के लिए बगैर शुल्क वाला बाजार पहुंच सुनिश्चित करता है।
ब्रिटिश बयान में कहा गया है कि बर्नहम ने बातचीत की शुरुआत ब्रिटेन-भारत साझेदारी की मजबूती और ब्रिटेन के स्थानीय समुदायों पर इसके महत्वपूर्ण प्रभाव का जिक्र करते हुए की।
इसमें कहा गया, ''प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन-भारत संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी महत्वाकांक्षाएं बताईं, जिसमें ब्रिटेन-भारत विजन 2035 कार्य ढांचा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच मजबूत संबंध शामिल हैं।''
बयान के अनुसार, बर्नहम ने ब्रिटिश समाज में भारतीय समुदायों के योगदान की सराहना की, जबकि मोदी ने दोनों नेताओं के अपने गृह नगरों -मैनचेस्टर और गुजरात के अहमदाबाद (जिसे उन्होंने भारत का मैनचेस्टर कहा)- के संबंधों का जिक्र किया।
इसमें कहा गया कि व्यापार के मुद्दे पर मोदी ने हालिया मुक्त व्यापार समझौते के महत्व पर जोर दिया जिससे दोनों देशों के लोगों के लिए अवसर पैदा होंगे।
बयान के अनुसार, बर्नहम ने ब्रिटेन-भारत प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताई और दोनों नेताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी अत्याधुनिक तकनीक पर मिलकर काम करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
बयान के अनुसार, दोनों नेता जल्द ही फिर से बातचीत करने और व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए उत्सुक हैं।
भाषा अविनाश सुरेश
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