दिल्ली सरकार की तथ्यान्वेषण टीम उस स्थान पर पहुंची जहां 1100 पेड़ 'काटे गए'
धीरज पवनेश
- 09 Jul 2024, 10:40 PM
- Updated: 10:40 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार की तथ्यान्वेषण टीम ने मंगलवार को दक्षिणी रिज के सतबड़ी क्षेत्र का दौरा किया जहां पर कथित तौर पर बिना उचित अनुमति के 1,100 पेड़ों की कटाई की गई थी।
मौका मुआयना करने वाले समिति के सदस्य और शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उच्चतम न्यायालय की अनुमति लिए बिना पेड़ों की कटाई की।
‘आप’ नीत दिल्ली सरकार ने इस मामले की पड़ताल के लिए तथ्यान्वेषण टीम का गठन किया था जिसमें भारद्वाज, राजस्व मंत्री आतिशी के अलावा इमरान हुसैन को शामिल किया गया है। यह टीम सड़क बनाने के लिए बिना उचित अनुमति डीडीए द्वारा रिज इलाके में पेड़ों की कटाई कराने के आरोपों की जांच कर रही है।
भारद्वाज ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस इलाके में सभी काम पर रोक लगाई है, इसके बावजूद यहां बुलडोजर से काम चल रहा है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि ‘‘डीडीए काटे गए पेड़ों को पूरी तरह से उखाड़ रहा है और वहां मिट्टी को समतल कर रहा है ताकि काटे गए पेड़ों की सही गिनती न की जा सके।’’
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘ आज दिल्ली सरकार द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सतबड़ी वन्य क्षेत्र छत्तरपुर का दौरा किया, जहां उपराज्यपाल के आदेश पर 1,100 पेड़ काटे गए थे।’’
भारद्वाज ने कहा, ‘‘गांव वालों ने मुझे बताया कि जिस सड़क पर हम खड़े हैं, वह जंगल के बीच में नयी बनी है। यहां बहुत सारे पेड़ थे जो काट दिए गए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यहां काम पर रोक लगी है, हालांकि, आप देख सकते हैं कि काम अभी भी जारी है।’’
उन्होंने दावा किया कि ‘‘ उच्चतम न्यायालय की जानकारी में है कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने तीन फरवरी, 2024 को यहां अपने दौरे के दौरान पेड़ों को काटने का मौखिक आदेश दिया था।’’
जल संसाधन मंत्री आतिशी ने कहा कि यह गंभीर चिंता का विषय है कि रिज क्षेत्र में इतने सारे पेड़ काटे गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इस साल दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ी है। दिल्ली में प्रदूषण की समस्या है, ऐसे में अगर शहर के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र क्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ काटे जाएंगे और यह काम शीर्ष अधिकारी की निगरानी में होगा तो लोगों के हितों का ख्याल कौन रखेगा।’’
मंत्री ने कहा कि पेड़ों की ‘अवैध’ कटाई में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘अधिकारी उनसे तथ्य छिपा रहे थे और बैठक में भाग लेने से बच रहे ’’।
आतिशी ने कहा कि समिति अपनी रिपोर्ट उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत करेगी जो कि इस मामले पर विचार कर रहा है।
आम आदमी पार्टी (आप) ने इस मामले को लेकर 'एक्स' पर पोस्ट किया। पार्टी ने पोस्ट किया, ‘‘तथ्यान्वेषण समिति का दिल्ली के 1100 पेड़ काटने पर बड़ा खुलासा‼️। उच्चतम न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर, उप राज्यपाल ने फार्म हाउस के मालिकों को फायदा पहुंचाने के लिए काट डाले दिल्ली के 1100 पेड़। आज भी सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद रिज क्षेत्र में काम कर रही हैं भाजपा की डीडीए।’’
हाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कथित तौर पर मामले से जुड़े कुछ दस्तावेज दिखाए थे और दावा किया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की अनुमति के बाद पेड़ों की कटाई की गई।
भाषा
धीरज