आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संदिग्ध सदस्य पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार
पवनेश
- 31 Jul 2026, 03:23 PM
- Updated: 03:23 PM
बर्धमान (बंगाल), 31 जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले से जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां उसके किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं।
राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने हामिद मंडल को बृहस्पतिवार देर रात बर्धमान शहर के एक आवासीय परिसर स्थित किराये के फ्लैट से गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मंडल पिछले दो से तीन महीनों से उस फ्लैट में रह रहा था, ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजर से बचा रह सके।
पुलिस ने बताया कि उसके मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज से मिले साक्ष्यों से संकेत मिला है कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी जानकारी एकत्र कर रहा था। इसके बाद जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वह किसी हमले की योजना बना रहा था।
पुलिस के अनुसार, मंडल के पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का संदेह है। उसे सज्जाद भट्ट का करीबी सहयोगी भी माना जा रहा है, जिसे 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक माना जाता है।
उल्लेखनीय है कि पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदी कार से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी थी। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
मंडल को शुक्रवार को बर्धमान की एक अदालत में पेश किया गया।
पड़ोसी फ्लैट मालिकों ने बताया कि मंडल पिछले लगभग डेढ़ साल से अपने परिवार के साथ किराये के फ्लैट में रह रहा था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा शासन के 34 वर्षों और तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 वर्षों के दौरान पश्चिम बंगाल कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के लिए एक ''सुरक्षित गलियारा'' बना रहा।
उन्होंने दावा किया कि ''राज्य की विचारधारा में बदलाव'' आने के कारण अब आतंकी संगठन पश्चिम बंगाल को सुरक्षित ठिकाना नहीं मानते।
उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी संगठन अब उन नेताओं को निशाना बनाकर जवाबी हमलों की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने चरमपंथी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।
भाषा
गोला पवनेश
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3107 1523 बर्धमान