कन्नड़ फिल्म जगत और किसान संगठनों ने तमिलनाडु के लिए कावेरी जल छोड़ने का किया विरोध
सुरेश
- 30 Jul 2026, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
बेंगलुरु, 30 जुलाई (भाषा) कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (केएफसीसी), कन्नड़ फिल्म उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और किसान संगठनों ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़े जाने का विरोध करते हुए कहा कि राज्य को सबसे पहले अपनी पेयजल आवश्यकताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इस बीच, कर्नाटक को झटका देते हुए कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने बृहस्पतिवार को राज्य की अपील खारिज कर दी और कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की उस सिफारिश को बरकरार रखा, जिसमें कर्नाटक को अगले 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
केएफसीसी की अध्यक्ष और अभिनेत्री जयमाला ने कहा कि कन्नड़ फिल्म जगत ने हमेशा उन अवसरों पर किसानों का साथ दिया है, जब भी कर्नाटक की भूमि, जल और भाषा पर कोई संकट आया है।
उन्होंने कहा कि कावेरी मुद्दे पर भी फिल्म उद्योग जगत किसानों के साथ एकजुट होकर खड़ा रहेगा।
जयमाला ने कहा, ''हम हमेशा किसानों के साथ रहे हैं। यदि हमारी भाषा, लोग, भूमि और पानी सुरक्षित रहेंगे, तभी हमारा अस्तित्व रहेगा। जब भी इन पर कोई खतरा आएगा, हम किसानों के साथ खड़े रहेंगे।''
फिल्म निर्माता सा. रा. गोविंदु ने कहा कि कन्नड़ फिल्म चैंबर इस मुद्दे पर कन्नड़ संगठनों और किसान समूहों द्वारा लिये जाने वाले हर निर्णय का समर्थन करेगा।
उन्होंने कहा कि जब कर्नाटक स्वयं पेयजल संकट का सामना कर रहा है, तब तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
गोविंदु ने कहा, ''तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हमारे पास पीने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं है, जबकि तमिलनाडु तीसरी फसल के लिए पानी मांग रहा है। हमें इस पर विचार करना चाहिए कि क्या यह उचित है।''
गोविंदु ने 1991 के कावेरी जल विवाद का उल्लेख करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री एस. बंगारप्पा द्वारा जारी अध्यादेश का हवाला दिया और मौजूदा सरकार से कर्नाटक के हितों की रक्षा करने का आग्रह किया।
उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार राज्य के किसानों के हितों की रक्षा करेंगे और मेकेदातु परियोजना को आगे बढ़ाएंगे।
इससे पहले, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को खारिज करने का अनुरोध किया था।
इस परियोजना का उद्देश्य बेंगलुरु शहर को पेयजल उपलब्ध कराना है।
भाषा रवि कांत सुरेश
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