दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर के प्रवासियों के लिए तदर्थ मासिक राहत वितरण के दिशा-निर्देश जारी किए
सुरेश
- 29 Jul 2026, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
नयी दिल्ली, 29 जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर के प्रवासी लोगों को दी जाने वाली तदर्थ मासिक राहत के वितरण को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं और इसके तहत मासिक पारिवारिक आय की सीमा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को एक बयान में बताया कि मार्च 2024 तक पंजीकृत परिवारों को विशेष छूट दी गई है और उन्हें 15 सितंबर 2026 तक 'फॉर्म-ए' जमा करने होंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इसके तहत उन्हें एक अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार अपने वर्तमान परिवार का विवरण घोषित करने का अवसर दिया गया है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को 'फॉर्म-ए' भरकर जमा करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'फॉर्म-ए' जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है और इसके बाद जिला अधिकारियों को परिवारों के विवरण अद्यतन कर प्रति परिवार अधिकतम चार सदस्यों के आधार पर तदर्थ मासिक राहत (एएमआर) जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बयान के मुताबिक, सरकार ने राहत वितरण को और अधिक जनहितकारी बनाते हुए मासिक पारिवारिक आय की सीमा पूरी तरह समाप्त कर दी है और अब किसी भी पात्र लाभार्थी को आय प्रमाण पत्र या अचल संपत्ति से संबंधित कोई दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
इसमें कहा गया है कि राहत प्राप्त करने वाले परिवारों के संबंध में विवाह एवं पारिवारिक स्थिति से जुड़े नियम भी स्पष्ट कर दिए गए हैं तथा राहत का निर्धारण संबंधों और वैवाहिक स्थिति के आधार पर किया जाएगा, चाहे लाभार्थी का वर्तमान निवास स्थान कहीं भी हो।
बयान के अनुसार, यदि किसी प्रवासी परिवार की बेटी का विवाह किसी अन्य प्रवासी परिवार में होता है तो उसका नाम नए प्रवासी परिवार में जोड़ा जाएगा और यदि किसी गैर-प्रवासी लड़की का विवाह प्रवासी परिवार में होता है तो उसका नाम उस प्रवासी परिवार में शामिल किया जाएगा।
इसमें कहा गया है, "वहीं यदि किसी प्रवासी लड़की का विवाह गैर-प्रवासी परिवार में होता है तो उसका नाम प्रवासी परिवार से हटाया जाएगा और वह राहत प्राप्त करने की पात्र नहीं रहेगी।"
बयान में कहा गया है कि 31 मार्च 2026 तक की अवधि का बकाया भी जारी किया जाएगा। इसके लिए पुराने राहत कार्ड, वर्तमान परिवार प्रमुख के आधार कार्ड और वार्षिक स्व-घोषणा के आधार पर भुगतान किया जाएगा ताकि पात्र लाभार्थियों को उनका लंबित भुगतान समय पर मिल सके।
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