मप्र: सात अगस्त से शुरू होगा जन विश्वास अभियान, हर शुक्रवार जनता के द्वार पहुंचेगी सरकार
जितेंद्र
- 28 Jul 2026, 05:03 PM
- Updated: 05:03 PM
भोपाल, 28 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार सात अगस्त से 'जन विश्वास अभियान' शुरू करेगी और इस अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी गांवों तथा शहरी वार्डों में पहुंचकर आम जनता से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य शासन को जनता के करीब लाना और प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा, "सरकार ने जन समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए 'जन विश्वास अभियान' शुरू करने का निर्णय लिया है।"
सिंह ने कहा कि मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार अब मंत्रालय, जिला और संभाग स्तर पर नियमित रूप से होने वाली बड़ी बैठकों के बजाय मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करेंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, ताकि पात्र हितग्राहियों तक समय पर योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
मंत्री ने कहा कि अधिकारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और जहां संभव होगा, उनका मौके पर ही समाधान करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव नहीं होगा, उनके लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लोक निर्माण मंत्री ने 'जन विश्वास अभियान' को सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद बढ़ेगा तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने बताया कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों से अभियान की शुरुआत करेंगे। सिंह ने कहा कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अभियान का मूल मंत्र संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी रहेगा।
मंत्री ने कहा कि इसके लिए किसी अतिरिक्त बजट का प्रावधान नहीं किया गया है और अनावश्यक तामझाम से बचा जाएगा।
भाषा ब्रजेन्द्र जितेंद्र
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