जीटीबी अस्पताल ने छत गिरने की खबरों का खंडन किया, कहा: रखरखाव के तहत प्लास्टर हटाया गया था
सुरेश
- 23 Jul 2026, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल ने उसके एक ऑपरेशन थिएटर की छत गिरने की मीडिया में आई खबरों को बृहस्पतिवार को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और तस्वीरों में दिख रहा मलबा नियमित रखरखाव कार्य का हिस्सा है।
अस्पताल ने एक स्पष्टीकरण में कहा कि मीडिया में जो तस्वीरें आई हैं, वे लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से एहतियाती रखरखाव और सुरक्षा अभियान के तहत ढीले और कमज़ोर प्लास्टर को हटाने के काम से जुड़ी हैं।
अस्पताल ने कहा, "कुछ जगहों पर प्लास्टर उखड़ा हुआ पाया गया था और सुरक्षा से जुड़े किसी भी संभावित जोखिम को खत्म करने के लिए उसे सावधानी से हटाया गया। यह संरचना संबंधी कोई खराबी नहीं थी, और न ही छत या उसका कोई हिस्सा गिरा था।"
इसने कहा है कि आपातकालीन सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित किया जा रहा है। वहां जीटीबी अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं के लिए छह मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और 190 बेड उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि स्थानांतरण के दौरान मरीजों की देखभाल में कोई रुकावट न आए। साथ ही ट्रॉमा सेंटर भी बनाया जा रहा है, जिसमें नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और 250 बेड हैं।
अस्पताल के अनुसार, मौजूदा आपातकालीन और ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण का काम भी शुरू हो गया है, जबकि वार्ड 21 का नवीनीकरण हाल में पूरा हुआ है और उम्मीद है कि नेत्र विज्ञान विभाग का वार्ड 15 भी जल्द ही सौंप दिया जाएगा।
अस्पताल ने कहा कि रोगी देखभाल सेवाएं निर्बाध रूप से जारी हैं और जन सुरक्षा के हित में निवारक रखरखाव गतिविधियां की जा रही हैं।
इस बीच पीडब्ल्यूडी ने कहा कि वह मरीजों, तीमारदारों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में पुरानी इमारतों से ढीले और खराब हो चुके प्लास्टर को हटाने के लिए एक सक्रिय अभियान चला रहा है।
इसमें कहा गया है कि सुरक्षा खतरा पैदा करने वाले ढीले प्लास्टर को बुधवार को ओपीडी क्षेत्र और वार्ड 20 से 27 तक हटा दिया गया, जबकि अस्पताल के नियमित कामकाज को प्रभावित किए बिना, अन्य वार्डों और ऑपरेशन थिएटर क्षेत्र से चरणबद्ध तरीके से इसी तरह का काम जारी रहेगा।
अस्पताल से यह स्पष्टीकरण तब आया है जब हाल में आपातकालीन वार्ड में 42-वर्षीय मरीज पर छत का पंखा गिर पड़ा था और इसके तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद उसके परिवार ने घटना की जांच की मांग की थी।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने घटना की जांच के आदेश देते हुए कहा था कि लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सिंह को बताया गया कि घटना की जांच करने के लिए विशेष सचिव (स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।
भाषा नोमान नोमान सुरेश
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