दिल्ली : उपराज्यपाल के निर्देश के बाद पांच हजार स्कूल शिक्षकों के तबादले का आदेश स्थगित
शफीक सुरेश
- 09 Jul 2024, 01:07 AM
- Updated: 01:07 AM
नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल वी के सक्सेना के आदेशों पर अमल करते हुए पांच हजार स्कूल शिक्षकों के तबादले का आदेश सोमवार को स्थगित कर दिया।
ये शिक्षक 10 से अधिक वर्ष से एक ही स्कूल में तैनात हैं।
सक्सेना ने रविवार को मुख्य सचिव नरेश कुमार को तबादले के आदेश को कुछ वक्त के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया। यह तबादला आदेश पिछले सप्ताह जारी किया गया था।
उपराज्यपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दिल्ली इकाई के नेताओं और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद एक अंतरिम उपाय के रूप में तबादले के आदेश को कुछ वक्त के लिए स्थगित रखने का निर्देश दिया।
दिल्ली की शिक्षा मंत्री ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए तबादले के आदेश के पीछे भाजपा की साजिश का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया, “दिल्ली में हमारी सरकार ने पिछले 10 वर्ष में सरकारी विद्यालयों को बदलकर रख दिया है। यहां पढ़ रहे विद्यार्थियों के नतीजे कीर्तिमान बना रहे हैं। भाजपा को यह बदलाव हजम नहीं हो रहा इसलिए शिक्षा के इस क्रांतिकारी बदलाव को दबाने के लिए उसने शिक्षकों के तबादले की साजिश रची।”
उन्होंने आदेश वापस लिये जाने के लिए दिल्ली के लोगों को शुभकामनाएं भी दीं।
आतिशी ने कहा, “आज दिल्ली के शिक्षक और जनता जीत गयी। शिक्षक, विद्यार्थी और उनके परिजन इस तबादले के आदेश को लेकर चिंतित थे। मैंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और परिजनों से वादा किया था कि हम दिल्ली में शिक्षा की क्रांति को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।”
उन्होंने कहा, “मैं खुश हूं कि आज (सोमवार) भाजपा को उपराज्यपाल के माध्यम से इस आदेश को वापस लेना पड़ा। आज दिल्ली के शिक्षक और दिल्ली की जनता जीत गयी।”
दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने पलटवार करते हुए कहा कि आतिशी और उनके पूर्ववर्ती मनीष सिसोदिया ने शहर में स्कूली शिक्षा प्रणाली को ‘‘बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा कभी भी शिक्षा विभाग के कामकाज पर राजनीति नहीं करना चाहती। लेकिन, आतिशी ने हमें यह चीजें सार्वजनिक करने के लिए मजबूर किया है कि कैसे (अरविंद) केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की शिक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाया है।’’
सचदेवा ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में स्कूली शिक्षकों को गैर-शिक्षण कार्य सौंपा गया है, जिससे शिक्षक-छात्र अनुपात बिगड़ रहा है।
वहीं, शिक्षा विभाग ने एक आधिकारिक आदेश में कहा कि शिक्षा निदेशालय द्वारा हाल ही में जारी तबादले के आदेश के मामले में कई अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं। यह अभ्यावेदन उन शिक्षकों से संबंधित हैं, जो एक ही स्कूल में 10 वर्ष से अधिक समय तक कार्यरत हैं।
आदेश के मुताबिक, “अभ्यावेदनों को पढ़ने और प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने एक समिति गठित करने का फैसला किया है, जिसमें सभी हितधारकों के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे, ताकि मामले पर समग्र, सहानुभूतिपूर्ण और निष्पक्ष दृष्टिकोण तैयार किया जा सके।’’
आदेश में बताया गया कि इसलिए अगले आदेश तक दो जुलाई 2024 को जारी शिक्षकों के तबादले के आदेश को स्थगित किया जाता है। सभी प्रभावित शिक्षकों की तैनाती बहाल की जाती है।
भाषा
शफीक