पंजाब की जेलों में राजनीतिक संरक्षण में चल रहा है नशे का कारोबार : शिअद
माधव
- 06 Jul 2026, 09:08 PM
- Updated: 09:08 PM
चंडीगढ़, छह जुलाई (भाषा) शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने सोमवार को आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस राजनीतिक संरक्षण में राज्य की विभिन्न जेलों में नशे के कारोबार को बढ़ावा दे रही है।
पार्टी ने दावा किया कि होशियारपुर में जेल के दो अधिकारियों की हालिया गिरफ्तारी से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के नशा विरोधी अभियान की पोल खुल गई है।
शिअद के सूचना के अधिकार (आरटीआई) प्रकोष्ठ ने आरोप लगाया कि होशियारपुर जेल का मामला, जिसमें एक कैदी द्वारा कथित तौर पर 'लाइव' वीडियो के जरिए इस रैकेट का खुलासा किए जाने के बाद दो जेल अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया, यह दर्शाता है कि जेल अधिकारी स्वयं ही कैदियों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने में शामिल थे।
प्रकोष्ठ ने दावा किया कि यह घटना 'आप' सरकार के 'युद्ध नशे विरुद्ध' अभियान का ''असल चेहरा'' सामने लाती है। उसका आरोप है कि सरकार ने लुधियाना में इस अभियान के प्रचार पर 6.10 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि पूरे राज्य में कथित तौर पर घर-घर नशीले पदार्थ पहुंचाए जा रहे हैं।
शिअद के आरटीआई प्रकोष्ठ ने आरोप लगाया कि जेलों के भीतर अपराधियों को खुली छूट दे दी गई है, जिसके कारण पंजाब में रंगदारी और लक्षित हत्याओं की घटनाओं में वृद्धि हुई है।
प्रकोष्ठ ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत प्राप्त जवाबों का हवाला देते हुए राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उसने दावा किया कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच हेल्पलाइन पर 5.33 लाख शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन केवल 1,394 मामलों में ही कार्रवाई की गई।
आरटीआई के जवाब के अनुसार इस अवधि में केवल एक व्यक्ति को दोषी ठहराया गया, जबकि किसी विधायक या मंत्री के खिलाफ एक भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रमुख सनी ने आरोप लगाया, ''भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन महज दिखावा है और सरकार के वादों के बावजूद भ्रष्टाचार खत्म करने की उसकी कोई मंशा नहीं है।''
आरटीआई से प्राप्त एक अन्य जानकारी के आधार पर सनी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने देशभर में यह प्रचार करने वाले होर्डिंग और बोर्ड लगाने पर करोड़ों रुपये खर्च किए कि राज्य में खेल के 6,000 मैदान विकसित किए जा रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने कहा कि आरटीआई के जवाब से पता चला है कि इन खेल मैदानों का प्रस्ताव पिछले वर्ष के बजट सत्र में घोषित किया गया था और अभी भी विचाराधीन है।
शिअद नेता ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के लिए जनता के धन का दुरुपयोग कर रही है।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव
0607 2108 चंडीगढ़