दिल्ली पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन की सीमा-पार तस्करी का भंडाफोड़ किया
प्रशांत
- 27 Jun 2026, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) चोरी के मोबाइल फोन बांग्लादेश और नेपाल में तस्करी कर भेजने में कथित तौर पर सक्रिया रूप से शामिल एक सीमा पार गिरोह से जुड़े 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के 325 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई में चोरी के मोबाइल फोन ठिकाने लगाने वाले एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जो कथित तौर पर करीब एक वर्ष से सक्रिय था।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इस गिरोह ने संगठित माध्यमों से 10,000 से 12,000 चोरी के मोबाइल फोन की तस्करी की है।
पुलिस ने इसे हाल के वर्षों में रोहिणी जिले में चोरी के मोबाइल फोन की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक बताया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बहुस्तरीय नेटवर्क के जरिए काम करता था, जिसमें चोर, स्थानीय प्राप्तकर्ता (चोरी का सामान खरीदने वाले), मोबाइल एकत्र करने वाले, गोदाम संचालक, कूरियर संचालक और सीमा पार संपर्क शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, जिले में मोबाइल फोन चोरी, घरों में सेंधमारी और झपटमारी की घटनाओं में बढ़ोतरी तथा बरामदगी कम होने के बाद जांच शुरू की गई। अपराध के तौर-तरीकों के विश्लेषण में पता चला कि चोरी हुए कई मोबाइल भारतीय दूरसंचार नेटवर्क पर दोबारा सक्रिय नहीं हो रहे थे, जिससे आशंका हुई कि उन्हें जल्द ही दिल्ली से बाहर भेज दिया जाता था।
इसके बाद गठित विशेष टीम ने करीब 200 आपराधिक रिकॉर्ड की समीक्षा की और सैकड़ों आदतन चोरों, झपटमारों तथा चोरी का सामान खरीदने वालों की गतिविधियों का विश्लेषण किया।
जांचकर्ताओं ने तकनीकी निगरानी, जब्त मोबाइल फोन की डिजिटल जांच, कूरियर के जरिए भेजे गए सामान की कड़ियों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर इस गिरोह का पता लगाया।
पुलिस के अनुसार, 19 जून को राजा उर्फ राजू, करण और गोविंद की गिरफ्तारी के साथ मामले में अहम सफलता मिली। उनके कब्जे से 101 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। गोविंद की तलाशी के दौरान एक कूरियर रसीद मिली, जिससे पता चला कि करीब 200 अन्य चोरी के मोबाइल फोन पहले ही कोलकाता भेजे जा चुके हैं।
इस सुराग के आधार पर पुलिस ने 23 जून को अजय कुमार और अली खान को गिरफ्तार किया। दोनों पर चोरी के मोबाइल फोन प्राप्त करने, उनकी छंटाई, पैकिंग और दूसरे राज्यों में भेजने का आरोप है। उनकी गिरफ्तारी के बाद 100 और मोबाइल फोन बरामद किए गए।
जांच में यह भी पता चला कि अजय ने रोहिणी के अवंतिका क्षेत्र में एक फ्लैट किराये पर लिया था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन को जमा करने, पैक करने और भेजने के लिए गोदाम के रूप में किया जा रहा था।
पुलिस ने बताया कि बाद की छापेमारी में ऋषिकेश कुमार उर्फ डब्लू, संजीव कुमार और सनी कुमार उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से चोरी के 124 और मोबाइल फोन बरामद हुए।
पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन की खेप भेजने में भूमिका के आरोप में दो कूरियर कंपनी के संचालकों को भी गिरफ्तार किया, जिससे इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 हो गई।
पुलिस के अनुसार, डिजिटल संचार रिकॉर्ड से आरोपियों के तार मोहम्मद शैदुल इस्लाम नामक व्यक्ति से जुड़े मिले, जिसके बांग्लादेश में चोरी के मोबाइल फोन प्राप्त करने वाला होने का संदेह है। इससे गिरोह के सीमा पार नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, फोन कूरियर सेवा के जरिए दिल्ली से कोलकाता भेजे गए और फिर मालदा और मुर्शिदाबाद होते हुए बांग्लादेश पहुंचाए गए, जबकि चोरी के हैंडसेट नेपाल भेजने के लिए उत्तर प्रदेश से होकर जाने वाले एक दूसरे रास्ते का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने बताया कि अब तक बरामद किए गए लगभग 150 हैंडसेट दिल्ली में दर्ज झपटमारी, लूट, चोरी और सेंधमारी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं। साथ ही, बाकी मोबाइल फोन के मालिकों की पहचान करने और पहले की खेप का पता लगाने की कोशिशें भी जारी हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले में संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क के संचालन का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
भाषा
राखी प्रशांत
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2706 2021 दिल्ली