वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव सिंह ने कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) का कार्यभार संभाला
दिलीप
- 05 Jun 2026, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी राजीव सिंह ने शुक्रवार को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा) का कार्यभार संभाल लिया।
इससे पहले, उन्होंने मणिपुर के अशांत हालात के बीच पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में चुनौतीपूर्ण कार्यकाल पूरा किया, जहां उन्हें जातीय रूप से बंटी राज्य पुलिस बल को फिर से एकजुट करने का श्रेय दिया जाता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने पिछले महीने सिंह की इस पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी थी। यह पद विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) पर प्रशासनिक नियंत्रण रखता है, जो प्रधानमंत्री और उनके आवास पर रहने वाले परिजनों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार विशिष्ट सुरक्षा एजेंसी है।
त्रिपुरा कैडर के 1993 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सिंह ने पराग जैन से पदभार ग्रहण किया, जो देश की खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख हैं और 12 नवंबर से कैबिनेट सचिवालय में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
राजीव सिंह इससे पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में महानिरीक्षक (संचालन) के रूप में कार्यरत थे। उन्हें एक जून 2023 को मणिपुर भेजा गया था, जब तीन मई को 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के बाद मेइती और कुकी समुदायों के बीच हिंसक जातीय संघर्ष भड़क उठा था।
इन संघर्षों में अब तक 260 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
कार्यभार संभालते समय राजीव सिंह के सामने 45,000 जवानों वाले ऐसे पुलिस बल की चुनौती थी, जो जातीय आधार पर बुरी तरह बंटी हुई थी। मेइती समुदाय के पुलिसकर्मी इंफाल घाटी की ओर और कुकी समुदाय के कर्मी पहाड़ियों की ओर चले गए थे।
लगभग 1,200 कर्मियों की अनुपस्थिति और पुलिस पक्षपात के आरोपों के बीच सिंह ने कई अनोखी रणनीतियां अपनाईं। उन्होंने 1,150 से अधिक लापता पुलिसकर्मियों को ट्रैक कर वापस ड्यूटी पर लाने में सफलता हासिल की और उन्हें जहां सुरक्षित महसूस हुआ, वहां से काम पर लौटने की अनुमति दी।
एक अनोखे प्रशासनिक प्रयोग के तहत राजीव सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दोनों समुदायों से जुड़े 304 नए भर्ती कांस्टेबलों का संयुक्त पासिंग-आउट समारोह आयोजित किया, जिससे वे अपने-अपने सुरक्षित क्षेत्रों से शपथ ले सके।
उन्होंने पुलिस शस्त्रागार की लूट पर सख्त कार्रवाई की, संवेदनशील चौकियों को मजबूत किया, सीमावर्ती उग्रवादी ठिकानों को ध्वस्त किया और जोखिम वाले इलाकों में किसानों को समन्वित सुरक्षा प्रदान की।
मणिपुर में गहरे जातीय विभाजन के बावजूद, राजीव सिंह को विभिन्न राजनीतिक और जातीय समूहों से सराहना मिली।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''राजीव सिंह, आईपीएस, पूर्व डीजीपी, मणिपुर को आज विदाई दी गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और राज्य में शांति एवं स्थिरता को मजबूत करने में उनकी समर्पित सेवा और महत्वपूर्ण योगदान के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं।''
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