मालवीय नगर अग्निकांड: इलाके के छोटे व्यवसायों को हो रहा है भारी नुकसान
माधव
- 05 Jun 2026, 06:01 PM
- Updated: 06:01 PM
नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत ने न सिर्फ इलाके का आतिथ्य क्षेत्र प्रभावित किया है, बल्कि उन दर्जनों छोटे व्यवसायों को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है जो इलाके के होटलों और अतिथिगृहों में ठहरने वाले मेहमानों पर निर्भर हैं।
हौज रानी क्षेत्र में ढाबा, लॉन्ड्री, किराना की दुकानें चलाने वालों और यात्रा संबंधी सेवा प्रदाताओं ने कहा कि बुधवार को लगी आग के बाद अधिकारियों द्वारा कई होटलों और अतिथि गृहों को सील करने या खाली कराने के कारण उनका व्यवसाय लगभग ठप हो गया है।
एक ढाबे के मालिक अब्दुल वसीम ने बताया कि उनके ज्यादातर ग्राहक आस-पास के होटलों में ठहरे हुए मरीज और उनके तीमारदार हैं।
उन्होंने कहा, "पिछले हफ्ते ईद के दौरान हमारा ढाबा बंद था। इसके बाद हमने मुश्किल से एक या दो दिन ही खोला था। फिर से यह तीन दिनों से बंद है और अल्लाह जाने यह कितने और दिनों तक बंद रहेगा।"
वसीम ने कहा, "हमारे कई ग्राहक आस-पास के अतिथि गृहों से नाश्ते और रात के खाने के लिए आते थे। मेरे कुछ कर्मचारी अपनी मजदूरी को लेकर चिंतित हैं और कुछ तो अपने गांवों के लिए रवाना भी हो चुके हैं।"
इसी इलाके में 'लॉड्री' (कपड़े धोने की सेवा) चलाने वाले राकेश कुमार ने कहा कि होटलों के बंद होने से उनका कारोबार लगभग ठप्प हो गया है।
उन्होंने कहा, "हमारे काम का लगभग 80 प्रतिशत होटलों और अतिथि गृहों से आता है। मेहमानों की चादरें, तौलिए और कपड़े यहां रोज़ धोए जाते हैं। आग लगने के बाद से काम लगभग न के बराबर है। अगर स्थिति कुछ और हफ्तों तक ऐसी ही बनी रही तो हमें तकरीबन एक लाख रुपये का नुकसान हो सकता है।"
किराना दुकान के मालिक मोहम्मद आरिफ ने बताया कि कई मेहमानों के इलाके से चले जाने के कारण बिक्री में गिरावट आई है।
उन्होंने कहा, "आम तौर पर दिन भर चहल-पहल रहती है। लोग पानी की बोतलें, नाश्ता, दवाइयां और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें खरीदते हैं। बुधवार से यह इलाका असामान्य रूप से शांत है। हमारी बिक्री आधे से भी ज्यादा गिर गई है।"
ढाबा चलाने वाले संजय गुप्ता ने कहा, "इलाज के दौरान मरीजों के कई तीमारदार हफ्तों तक यहीं रहते हैं। वे हर दिन हमारी दुकानों से खाना खाते हैं। अब कई होटल खाली हो गए हैं और ग्राहक रातोंरात गायब हो गए हैं। इस महीने हमें लगभग 80,000 से एक लाख रुपये का नुकसान होने का खतरा है क्योंकि हमारे खाद्य पदार्थ खराब हो रहे हैं।"
मैक्स अस्पताल के पास स्थित हौज़ रानी इलाका पिछले कुछ वर्षों में सस्ते होटलों और अतिथि गृहों का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके साथ आने वाले लोग ठहरते हैं।
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नोमान माधव
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