अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के दावे विपक्ष का 'दुष्प्रचार' : रीजीजू
सुभाष
- 04 Jun 2026, 11:21 PM
- Updated: 11:21 PM
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए, भारत में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित होने संबंधी दावों को 'दुष्प्रचार' करार दिया और कहा कि किसी को भी देश के खिलाफ नहीं बोलना चाहिए या उसे नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
रीजीजू ने कहा कि लोगों को विपक्षी दलों के हर दावे पर विश्वास नहीं करना चाहिए, बल्कि तथ्यों और मोदी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को देखना चाहिए।
रीजीजू ने भारत मंडपम में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के 'सुधार उत्सव' में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''कभी-कभी लोग कहते हैं कि यहां अल्पसंख्यकों को न्याय नहीं मिलता, उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है, वे सुरक्षित नहीं हैं। भारत एक लोकतंत्र है जहां सभी को बोलने की आजादी है और जब चुनाव होते हैं, तो राजनीतिक दल बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन हर बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''हमारे विरोधी हमारे खिलाफ बोलेंगे। जब हम संसद में चर्चा करते हैं, तो विपक्ष हमेशा सरकार के खिलाफ बोलता है। सरकार के काम को देखिए और खुद देख लीजिए कि मोदी सरकार ने जनता के लिए क्या किया है। किसी भी तरह के दुष्प्रचार पर विश्वास न करें।''
रीजीजू ने पारसी समुदाय की कम आबादी का जिक्र करते हुए सवाल किया कि दुनिया की कौन सी सरकार एक पूरे समुदाय को विलुप्त होने से बचाने के लिए कोई योजना चलाएगी। उन्होंने कहा, '' केवल मोदी सरकार ने ही 'जियो पारसी' योजना के जरिए ऐसा किया है।''
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''कभी-कभी गांवों में विवाद होते हैं, समुदायों के बीच छिटपुट घटनाएं होती हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं को लेकर वृहद तस्वीर पेश करना सही नहीं है। किसी को भी देश को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए और न ही उसके खिलाफ बोलना चाहिए।''
उन्होंने कहा, ''कुछ लोग दुष्प्रचार करते हैं। कुछ लोग तो देश के बाहर जाकर भी दुष्प्रचार करते हैं। वे देश की प्रगति से ईर्ष्या करते हैं और इसे पचा नहीं पाते। वे फूट डालने और भारत को कमजोर करने के लिए लगातार जहर फैलाते रहते हैं।''
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के इस दौर में, चाहे कोई अमेरिका में हो, पाकिस्तान में हो या जापान में, कोई भी किसी देश के खिलाफ साजिश रच सकता है।
मंत्री ने कहा, ''भाईचारा बनाए रखना और सद्भाव का संदेश फैलाना हमारी जिम्मेदारी है।''
उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों की संख्या इतनी अधिक है कि अगर उन्हें एक देश मान लिया जाए, तो जनसंख्या के हिसाब से यह छठा सबसे बड़ा देश होगा।
रीजीजू ने जोर देकर कहा, ''कोई भेदभाव नहीं है। अगर कोई व्यक्ति भारतीय है, तो उसे समान अधिकार मिलेंगे।''
रीजीजू ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ऐसा अनुमान है कि अब तक लगभग 55 प्रतिशत वक्फ संपत्तियों का विवरण 'उम्मीद' पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।
'रिफॉर्म उत्सव' के बारे में रीजीजू ने कहा कि यह केवल उपलब्धियों पर नजर डालने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत-2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराने का भी अवसर है।
भाषा धीरज सुभाष
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