कुवैत हमले में मारे गए भारतीय का शव शुक्रवार को स्वेदश लाया जाएगा
नरेश
- 04 Jun 2026, 07:16 PM
- Updated: 07:16 PM
नयी दिल्ली, चार जून (भाषा) कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को हुए हमले में मारे गए एक भारतीय नागरिक का शव पांच जून को स्वदेश लाए जाने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास मृतक के परिवार के नियमित संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विभिन्न मंत्रालयों को जानकारी देने के लिए आयोजित बैठक में कहा कि इस हमले में 13 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं और वर्तमान में कुवैत के विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।
महाजन ने संवाददाताओं से कहा, ''कल कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में दुर्भाग्यवश एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। हम मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''कुवैत स्थित हमारा दूतावास मृतक के परिवार के संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उनके पार्थिव शरीर के कल भारत लाए जाने की उम्मीद है। इस हमले में 13 भारतीय नागरिक घायल भी हुए हैं, जिनका कुवैत के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हमारा मिशन घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।''
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बुधवार को यह हमला हुआ।
इससे पहले, 30 मार्च को कुवैत में एक बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र पर ईरान द्वारा किये गए हमलों में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी।
महाजन ने कहा कि विदेश मंत्रालय खाड़ी और पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा, ''हमारे मिशन स्थानीय भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं। वे भारतीय समुदाय संघों, संगठनों, पेशेवर समूहों और भारतीय कंपनियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करते हैं ताकि उनकी चिंताओं का समाधान किया जा सके।''
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि ईरान का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुला है।
महाजन ने कहा, ''हमने भारतीय नागरिकों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है और वहां पहले से मौजूद लोगों से हमारे दूतावास के सहयोग से वहां से निकलने की अपील की है। अब तक, तेहरान स्थित हमारे दूतावास ने जमीनी रास्तों से 2,557 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकालने में सहायता की है।''
उन्होंने कहा कि इजराइल का हवाई क्षेत्र खुला है और क्षेत्र में स्थित गंतव्यों के लिए सीमित उड़ान संचालन फिर से शुरू हो गया है, जिसका उपयोग भारत की आगे की यात्रा के लिए किया जा सकता है।
भाषा धीरज नरेश
नरेश
0406 1916 दिल्ली