दिल्ली पुलिस ने 54.5 लाख रुपये की लूट के मामले को सुलझाया, छह गिरफ्तार
अविनाश
- 03 Jun 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) पुरानी दिल्ली में 'मनी ट्रांसफर' एजेंट के एक कर्मचारी ने 54.5 लाख रुपये की लूट का दावा किया था, लेकिन जांच में पता चला कि उसने खुद ही झूठी कहानी रची थी। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में चलाए गए तलाशी अभियान के बाद छह लोगों को गिरफ्तार किया और 50 लाख रुपये बरामद किए।
यह मामला 26 मई को तब सामने आया जब दिल्ली में एक 'मनी ट्रांसफर' एजेंट के लिए काम करने वाले राजस्थान के बीकानेर निवासी वासुदेव (23) ने पुलिस से संपर्क कर दावा किया कि चांदनी चौक क्षेत्र में फतेहपुरी के पास दो लोगों ने उससे 54.5 लाख रुपये से भरा बैग लूट लिया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके मालिक ने उसे कूचा घासीराम स्थित एक 'मनी ट्रांसफर' कार्यालय में नकदी पहुंचाने का काम सौंपा था। उसने आरोप लगाया कि पूर्वाह्न करीब 11 बजे एसपीएम रोड के पास रैपिडो ऑटो से उतरने के बाद, दो लोगों ने उस पर हमला किया, नकदी से भरा बैग और मोबाइल फोन छीन लिया, उसकी कमीज फाड़ दी और मिठाई पुल की ओर भाग गए।
उसकी शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की और कथित लुटेरों द्वारा अपनाए गए मार्ग का पता लगाया। अधिकारी ने बताया कि फुटेज की जांच के दौरान, जांचकर्ताओं ने वासुदेव के बयान में कई विसंगतियां देखीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "शिकायतकर्ता ने न तो लुटेरों का विरोध किया और न ही उनका पीछा करने की कोशिश की। ऐसा प्रतीत होता है कि संदिग्ध किसी खास व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे और उन्हें नकदी की आवाजाही के बारे में जानकारी थी। पूछताछ के दौरान शिकायतकर्ता ने अपना बयान भी बदल दिया और घटना के तुरंत बाद बेहोश होने का नाटक भी किया।"
लगातार पूछताछ के दौरान, वासुदेव ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसने अपने रिश्ते के भाई पुरुषोत्तम और राजस्थान के चार अन्य लोगों के साथ मिलकर लूट की कहानी गढ़कर पैसे का गबन करने की साजिश रची थी।
इकबालिया बयान के बाद पुलिस ने राजस्थान और उत्तराखंड में छापेमारी की। पुरुषोत्तम को 28 मई को राजस्थान के जालोर जिले से गिरफ्तार किया गया जबकि कमल भारती और मनफुल मुंड को क्रमशः 29 और 30 मई को बीकानेर से गिरफ्तार किया गया।
एक अन्य आरोपी मनोज मोटासरा को 31 मई को उत्तराखंड में रुड़की से गिरफ्तार किया गया और उससे 16 लाख रुपये बरामद किए गए। छठे आरोपी राम निवास को दो जून को राजस्थान के नागौर के एक होटल से गिरफ्तार किया गया और उससे 34 लाख रुपये बरामद किए गए।
पुलिस ने बताया कि मामले में जांच जारी है और शेष राशि की वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं।
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