कानूनी नोटिस के बाद एफडब्ल्यूआईसीई ने अभिनेता रणवीर के खिलाफ असहयोग निर्देश वापस लिया
नेत्रपाल
- 03 Jun 2026, 04:24 PM
- Updated: 04:24 PM
मुंबई, तीन जून (भाषा) फिल्म एवं टेलीविजन उद्योग से जुड़े प्रमुख श्रमिक संघ 'फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज' (एफडब्ल्यूआईसीई) ने बुधवार को कहा कि उसने अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ जारी असहयोग निर्देश वापस ले लिया है।
एफडब्ल्यूआईसीई ने 25 मई को यह निर्देश जारी किया था। यह कदम अभिनेता द्वारा फरहान अख्तर की फिल्म 'डॉन 3' से खुद को अलग किए जाने के बाद उठाया गया था। हालांकि, रणवीर सिंह की ओर से संगठन को कानूनी नोटिस भेजे जाने के बाद इसे वापस लेने का फैसला किया गया।
यह निर्णय 'इंडियन मोशन पिक्चर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन' (आईएमपीपीए), 'प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया' (पीजीआई) और 'सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन' (सीआईएनटीएए) के हस्तक्षेप के बाद लिया गया।
एफडब्ल्यूआईसीई के अध्यक्ष बी. एन. तिवारी ने पत्रकारों से कहा, "आईएमपीपीए, पीजीआई और सीआईएनटीएए के अनुरोध पर हम असहयोग संबंधी अपना निर्देश तत्काल प्रभाव से वापस ले रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "हमसे कहा गया है कि फिल्म निर्माताओं के संगठनों के साथ बैठकर ऐसा उचित निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे निर्माताओं, निर्देशकों और कलाकारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।"
तिवारी ने कहा कि एफडब्ल्यूआईसीई का कानूनी विभाग अभिनेता के नोटिस का जवाब देगा।
एफडब्ल्यूआईसीई ने संबंधित निर्देश उस समय जारी किया था जब फरहान अख्तर और उनके निर्माता सहयोगी रितेश सिधवानी ने 'इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन' (आईएफटीडीए) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद आईएफटीडीए ने मामले को कार्रवाई के लिए एफडब्ल्यूआईसीई को सौंप दिया था।
लोकप्रिय फ्रेंचाइजी की अगली फिल्म 'डॉन 3' की शूटिंग अभी शुरू नहीं हुई है।
निर्माताओं के अनुसार, फिल्म के निर्माण से पहले ही इस पर 45 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
वर्ष 1956 में स्थापित एफडब्ल्यूआईसीई भारत में फ़िल्म और टेलीविज़न कर्मियों से संबंधित प्रमुख श्रमिक संघ है। यह स्पॉट बॉय, कैमरामैन, साउंड इंजीनियर और एडिटर, कलाकारों, तकनीशियनों और प्रोडक्शन स्टूडियो के बीच के विवादों में मध्यस्थता करने का भी काम करता है।
एफडब्ल्यूआईसीई के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित के अनुसार, सिंह ने मंगलवार शाम संगठन को कानूनी नोटिस भेजा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल फिल्म 'डॉन 3' से जुड़े वर्तमान विवाद का समाधान करना ही नहीं है, बल्कि फिल्म जगत के व्यापक हित में अन्य सभी लंबित समस्याओं को भी हर पक्ष को शामिल करके सुलझाना है ताकि फिल्म उद्योग सुचारू रूप से चलता रहे।
पंडित ने विश्वास व्यक्त किया कि इस मामले को सकारात्मक रूप से सुलझा लिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ''हमारे पास किसी पर भी प्रतिबंध लगाने का कोई अधिकार नहीं है, हम न्यायपालिका नहीं हैं। हमने 'असहयोग निर्देश' वाक्यांश का उपयोग इसलिए किया क्योंकि हमारे पास यह तय करने का अधिकार है कि हम किसी व्यक्ति के साथ काम करना चाहते हैं या नहीं। यह तकनीशियन, कर्मी, निर्माता या अभिनेता की अपनी पसंद हो सकती है कि वे उस व्यक्ति के साथ काम करना चाहते हैं या नहीं।''
रणवीर सिंह के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, " 'डॉन 3' से जुड़े हालिया घटनाक्रम के दौरान अभिनेता जानबूझकर चुप रहे। उनका मानना है कि पेशेवर चर्चाओं और व्यक्तिगत संबंधों को गरिमा, परिपक्वता और आपसी सम्मान के साथ संभालना ही सबसे बेहतर तरीका है।"
सिंह को फिल्म निर्माता रामगोपाल वर्मा, संजय गुप्ता और अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत का भी समर्थन मिला है।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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