पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में ग्रामीणों को वापस की जा रही 'कट मनी'
सुभाष
- 02 Jun 2026, 10:41 PM
- Updated: 10:41 PM
माथाभंगा/नामखाना (पश्चिम बंगाल), दो जून (भाषा) कूच बिहार और दक्षिण 24 परगना जिलों में कई लोगों को वह ''कट मनी'' वापस मिल गई है जो उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कथित तौर पर स्थानीय गुंडों को दी थी।
कूचबिहार जिले के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व ने कहा कि पार्टी का ग्रामीणों या व्यापारियों से इस तरह की अवैध रूप से धन वसूली से कोई लेना-देना नहीं है।
राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के बाद कूचबिहार में माथाभंगा के विभिन्न इलाकों में टीएमसी समर्थित स्थानीय दबंगों द्वारा कथित तौर पर ली गई ''कट मनी'' को वापस करने की मांग तेज हो गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, माथाभंगा के सुभाषपल्ली इलाके में आवास योजना के 14 लाभार्थियों को उनसे लिया गया कमीशन वापस कर दिया गया है। भाजपा के एक स्थानीय नेता ने बताया, ''सोमवार को पैसे वापस मिलने के बाद उनमें से कुछ ने स्थानीय मंदिर में पूजा-अर्चना की।''
माथाभंगा उपमंडल के अंतर्गत पचगढ़ पंचायत के फकीरेरकुठी गांव में रविवार को कई लोगों को उनकी रकम लौटाई गई।
ग्रामीणों और व्यापारियों का दावा है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत के बाद उन्हें आवास योजना के तहत लाभ पाने, जमीन या मकान की खरीद-बिक्री करने या कारोबार चलाने के लिए स्थानीय दबंगों को 'कट मनी' देनी पड़ती थी।
स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों को 'कट मनी' देने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाता था या फिर जमीन की खरीद-बिक्री करने से रोका जाता था। उन्होंने कहा, ''रविवार को ग्रामीणों को रकम का एक हिस्सा वापस कर दिया गया।''
कूचबिहार जिले के माथाभंगा उपमंडल के घुघुमारी इलाके में रिक्शे पर लगे लाउडस्पीकर से यह घोषणा की गई कि एक इलाके में आवास योजना के तहत मकान के लिए आवेदन करने वाले ग्रामीणों से लिया गया कथित कमीशन चार जून को पंचायत सदस्य के घर से वापस किया जाएगा। वीडियो में एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना गया, ''लोगों से अनुरोध है कि वे आकर अपना पैसा वापस ले लें।''
ऐसी ही एक मामले में, दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना क्षेत्र स्थित पाटीबुनिया गांव में तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत सदस्य ने 45 ग्रामीणों को पांच-पांच हजार रुपये लौटाए।
प्रभावित ग्रामीणों में से एक विकास मंडल ने बताया कि आवास योजना की पहली किस्त के रूप में 60,000 रुपये मिलने के बाद उन्होंने मकान का एक हिस्सा बनवाया था। इसके बाद उनसे कहा गया कि यदि वह पंचायत सदस्य को 5,000 रुपये नहीं देंगे तो दूसरी किस्त उनके बैंक खाते में जारी नहीं की जाएगी।
उन्होंने दावा किया कि इसी तरह की धमकियों के कारण कुल 45 ग्रामीणों ने आवास योजना की दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए पांच-पांच रुपये का भुगतान किया था। मंडल ने कहा, ''रविवार को हमें स्थानीय स्कूल के मैदान में बुलाया गया और हम सभी को पैसे वापस कर दिए गए।''
भाषा आशीष सुभाष
सुभाष
0206 2241 माथाभंगा