दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति ने राधाकृष्णन से मुलाकात की
दिलीप
- 02 Jun 2026, 05:52 PM
- Updated: 05:52 PM
नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले ने भारत की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान मंगलवार को यहां उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, कौशल विकास, रक्षा सहयोग और अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति के साथ वरिष्ठ मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।
उपराष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, बैठक के दौरान, दोनों नेताओं के बीच भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से व्यापक चर्चा हुई।
सचिवालय ने कहा कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने तथा दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंध प्रगाढ़ बनाने पर सार्थक चर्चा की।
दोनों नेताओं ने विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और ब्रिक्स, जी20, भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के त्रिपक्षीय संगठन - आईबीएसए और हिंद महासागर के तटों से लगे देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और अंतर-सरकारी संगठन - इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन जैसे बहुपक्षीय मंचों में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत की।
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के पूर्ण क्षमता उपयोग पर चर्चा की और व्यवसायों और निवेशक अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस संदर्भ में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने प्रस्तावित भारत-दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ प्राथमिकता व्यापार समझौते का उल्लेख किया। उन्होंने इस पर वार्ता शीघ्र प्रारंभ होने और सफल परिणाम की आशा व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने बढ़ते रक्षा सहयोग का स्वागत किया और भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के नौसैनिक अभ्यास के आगामी आयोजनों सहित विस्तारित सहयोग की आशा व्यक्त की।
बैठक में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत में चीते हस्तांतरित कर उन्हें प्राकृतिक आवास में पहुंचाने संबंधी कार्यक्रम में समर्थन के लिए दक्षिण अफ्रीका को धन्यवाद दिया। 'प्रोजेक्ट चीता' की उत्साहवर्धक प्रगति और वन्य जीवन में सफल प्रजनन को देखते हुए, उन्होंने इस अनूठी संरक्षण पहल में दक्षिण अफ्रीका के निरंतर सहयोग का आग्रह किया।
राधाकृष्णन ने दक्षिण अफ्रीका को भारत की प्रमुख बहुपक्षीय पहल, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सरकारों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, बहुपक्षीय विकास बैंकों, निजी क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय साझेदारी) और 'इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस' (दुनिया भर में बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा के संरक्षण संबंधी पहल) में शामिल होने पर विचार करने के लिये भी आमंत्रित किया, जो साझा विकास और सतत विकास उद्देश्यों के अनुरूप हैं।
बैठक में भारत और दक्षिण अफ्रीका ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ बनाने तथा शांति, समृद्धि, सतत विकास तथा विकासशील देशों के हितों के लिए मिलकर काम करने की साझा प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भाषा जोहेब दिलीप
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