अमृतसर : डेयरी किसानों ने एक बार फिर विरोध स्वरूप दूध सड़कों पर बहाया
माधव
- 02 Jun 2026, 06:46 PM
- Updated: 06:46 PM
अमृतसर, दो जून (भाषा) मिलावटी दूध और दूध उत्पादों की सस्ते दामों पर बिक्री के खिलाफ प्रशासन की कथित निष्क्रियता के विरोध में कई डेयरी किसानों ने सड़कों पर सैकड़ों लीटर दूध बहा दिया।
पिछले 15 दिन में यह ऐसी दूसरी घटना है।
सोमवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने शुद्ध दूध को सड़कों पर बहाकर विरोध जताया। किसानों का कहना है कि नकली दूध के बढ़ते कारोबार के कारण उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा।
इस प्रदर्शन में अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों के डेयरी किसानों ने हिस्सा लिया। इनमें भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धुपुर) के नेतृत्व वाली अमृतसर धोधी यूनियन के सदस्य भी शामिल थे।
इससे पहले 18 मई को भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन के तहत जिला प्रशासन परिसर में स्थित उपायुक्त कार्यालय के बाहर किसानों ने सैकड़ों लीटर दूध सड़कों पर बहा दिया था।
डेयरी किसानों का दावा है कि नकली और मिलावटी दूध तथा दूध उत्पादों के कारोबार ने उनकी आय पर गंभीर असर डाला है, जिससे वे आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
बीकेयू (एकता सिद्धूपुर) के जिला अध्यक्ष करमजीत सिंह ने कहा, "शुद्ध दूध की तुलना में लगभग आधी कीमत पर बिक रहे नकली दूध के कारण असली किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।"
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शहर की अधिकतर दुकानों पर मिलावटी दूध और उससे बने उत्पाद जैसे पनीर तथा खोया बेचा जा रहा है।
सिंह ने दावा किया कि मिलावटी दूध यूरिया, पाम ऑयल और रिफाइंड तेल जैसी सामग्री मिलाकर तैयार किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मिठाई की दुकानें और अन्य छोटे डेयरी उत्पाद विक्रेता 50 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिलावटी दूध बेच रहे हैं, जबकि असली दूध की कीमत लगभग 80 रुपये प्रति लीटर है।
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन पर शहर में नकली दूध की बिक्री रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।
डेयरी किसानों का यह भी कहना है कि चारे और पशु आहार की लागत में काफी वृद्धि हुई है, लेकिन दूध के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़े हैं।
किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन मिलावटी दूध के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
भाषा जोहेब माधव
माधव
0206 1846 अमृतसर