गाजियाबाद सूर्या हत्याकांड: मुख्य आरोपी के घर पर नोटिस चस्पा, पिता समेत तीन लोग गिरफ्तार
जितेंद्र
- 01 Jun 2026, 11:56 PM
- Updated: 11:56 PM
गाजियाबाद, एक जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या के मुख्य आरोपी असद के घर पर प्रशासन ने नोटिस चस्पा कर दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
नोटिस में अवैध कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई है और ऐसा नहीं करने पर अतिक्रमण हटाओ के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में असद के पिता नवाब समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) द्वारा जारी नोटिस खोड़ा थाना क्षेत्र के नवनीत विहार स्थित असद के घर के मुख्य दरवाजे पर चस्पा किया गया।
एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि तहसीलदार और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तहसील प्रशासन की टीम ने यह कार्रवाई की।
इलाके में लाउडस्पीकर और ढोल बजाकर घोषणा की गई कि जिस जमीन पर घर बना है, उस पर रूप से अवैध कब्जा है।
नोटिस में कब्जाधारकों को 15 दिन के भीतर एसडीएम के समक्ष जवाब दाखिल करने को कहा गया है।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
यह कार्रवाई मुख्य आरोपी असद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के एक दिन बाद हुई है।
पुलिस ने हत्या के सिलसिले में असद के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को 30 मई को खोड़ा क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह गेट के पास से गिरफ्तार किया।
सारिक मेवाती समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पूछताछ में फरहान ने बताया कि 28 मई को असद और सूर्या के बीच मोटरसाइकिल चलाने को लेकर विवाद हुआ था।
उसने बताया कि कहासुनी के बाद असद ने अपने पिता और साथियों को सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने सूर्या को सबक सिखाने की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, 28 मई की दोपहर आरोपियों ने नवनीत विहार की गली नंबर चार में सूर्या को घेर लिया और हमले के दौरान फरहान ने असद को चाकू दिया जबकि नवाब ने उसे हत्या के लिए उकसाया।
असद ने सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया और उसके बाद सभी आरोपी उसे मरा समझकर भाग गए।
सूर्या को नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 मई को उसकी मौत हो गई।
मुख्य आरोपी असद रविवार तड़के खोड़ा इलाके में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
उस पर 50,000 रुपये का इनाम था।
असद की मुठभेड़ में मौत पर सूर्या की मां ने कहा कि यह उनके बेटे के लिए ''न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम'' है।
उन्होंने कहा, ''मैं असद की तस्वीर देखना चाहती हूं ताकि यकीन हो सके कि मेरे बेटे के हत्यारे को सजा मिल गई है। मेरा बेटा इकलौता था और परिवार का सहारा था। मुझसे सब कुछ छीन लिया गया। यह जानकर कुछ सांत्वना मिली है कि न्याय हुआ है।''
भाषा किशोर आनन्द जितेंद्र
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