दिल्ली: पुरानी रंजिश में चौकीदार की गाड़ी से कुचलकर हत्या,चार संदिग्ध हिरासत में
शोभना
- 26 May 2026, 01:22 AM
- Updated: 01:22 AM
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली के पीरागढ़ी गांव में 60 वर्षीय चौकीदार की हत्या के मामले में चार लोगों को पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि इस "सुनियोजित" हत्या को एक पुरानी कहासुनी का बदला लेने के लिए अंजाम दिया गया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए वारदात में इस्तेमाल किए गए एसयूवी वाहन की नंबर प्लेट हटा दी थी। इसके बाद उन्होंने पीड़ित को बार-बार गाड़ी से कुचला और मौके से फरार हो गए।
पीड़ित बिजेंद्र भारद्वाज पीरागढ़ी गांव में एक टेम्पो स्टैंड पर चौकीदार का काम करते थे। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, शनिवार-रविवार की दरमियानी तड़के करीब 2:54 बजे जब उन पर हमला हुआ, तब वह मौके पर अकेले थे।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "यह हत्या मामूली बातों को लेकर हुए पुराने विवाद के बाद की गई। आरोपियों ने पहले से इस हमले की योजना बनाई थी और पहचान से बचने के लिए वाहन की नंबर प्लेट हटा दी थी।"
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने सोमवार को चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
जांचकर्ताओं ने पहले कहा था कि यह मामला अचानक हुई किसी घटना के बजाय " सुनियोजित" प्रतीत होता है और यह कोई सड़क पर होने वाले आम झगड़े की घटना नहीं है।
पुलिस ने बताया कि इस एसयूवी को आखिरी बार दिल्ली-हरियाणा सीमा पर हिरन कूडना के पास एक सीसीटीवी कैमरे में कैद देखा गया था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि जब चौकीदार (भारद्वाज) एक कुर्सी पर बैठे थे, तभी टेंपो स्टैंड के पास हेडलाइट ऑन करके एक एसयूवी आकर रुकी। इसके बाद गाड़ी से एक व्यक्ति हाथ में डंडा लेकर उतरा और उन पर हमला कर दिया। जब भारद्वाज ने अपनी जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, तो हमलावर गाड़ी की ड्राइविंग सीट पर बैठा और उन्हें टक्कर मार दी। आरोपी ने उन्हें तीन से चार बार गाड़ी से कुचला और फिर मौके से फरार हो गया।
एक अधिकारी ने बताया, "पहले पीड़ित को लाठियों से पीटा गया और फिर एसयूवी से तीन से चार बार कुचल दिया गया।"
जांचकर्ताओं के अनुसार, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सड़क के एक कोने पर एक एसयूवी कार खड़ी दिखाई दी, जिसकी हेडलाइटें जल रही थीं, जबकि पीड़ित पास ही एक कुर्सी पर बैठा था।
पुलिस ने कहा कि एसयूवी पर पंजीकरण नंबर प्लेट न होने से चालक का पता लगाना बड़ी चुनौती बन गई है।
अधिकारी ने कहा,"हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, लेकिन यह हत्या किसी आम रोड रेज के मामले के विपरीत, अचानक गुस्से में होने के बजाय सुनियोजित प्रतीत होती है।"
मृतक के छोटे भाई मुकेश भारद्वाज ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि हमलावरों ने जानबूझकर उन्हें उस समय निशाना बनाया जब वह ड्यूटी पर थे।
उन्होंने कहा,"लगभग देर रात तीन बजे हमें एक अन्य चौकीदार का फोन आया, जिसने हमें घटना की जानकारी दी। उस समय वह वहां अकेला था। किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी। हो सकता है पहले कोई कहा-सुनी हुई हो। उन्होंने कुछ चुराने की कोशिश की हो सकती है, और मेरे भाई ने उन्हें रोका हो सकता है।"
परिवार के सदस्यों ने प्रारंभिक पुलिस कार्रवाई में खामियों का भी आरोप लगाया।
पीड़ित की पोती ने दावा किया कि परिवार के हत्या का दावा करने के बावजूद पुलिस ने पहले इस मामले को सड़क दुर्घटना माना।
उन्होंने आरोप लगाया, "हमने शुरू से ही पुलिस को बताया था कि यह हत्या है, लेकिन उन्होंने पहले इस बाबत दुर्घटना का मामला दर्ज किया। बाद में हत्या के आरोप भी जोड़ दिए गए। आरोपियों ने पूरी साजिश रची थी। मेरे दादाजी वहां करीब एक साल से काम कर रहे थे।"
पुलिस ने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए आठ से अधिक टीमें गठित की गई हैं और आसपास की सड़कों, चौराहों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से कई सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही हैं।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल पर गाड़ी के टायरों के निशान मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि घटना के दौरान वाहन ने तेज ब्रेक लगाए थे।
उन्होंने बताया कि पश्चिम विहार पश्चिम थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और 3(5) (साझा मंशा) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सुमित शोभना
शोभना
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