देश की 35 फीसदी आबादी युवाओं की, लेकिन उन्हें न तो अच्छी शिक्षा मिल रही, न ही रोजगार : विपक्ष
अविनाश
- 02 Jul 2024, 07:06 PM
- Updated: 07:06 PM
नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक होने की खबरें लंबे समय से आने के बावजूद सरकार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए विपक्षी सदस्यों ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि देश की 35 फीसदी आबादी युवाओं की है जिन्हें न तो अच्छी शिक्षा मिल रही है और न ही रोजगार मिल रहा है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर मंगलवार को राज्यसभा में हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने दावा किया कि राष्ट्रपति अभिभाषण में भ्रष्टाचार की चर्चा नहीं है जबकि केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्यों में इस बुराई का बोलबाला है।
उन्होंने कहा ‘‘इसका उदाहरण है कि अयोध्या में राम-जानकी वन गमन पथ का दस किलोमीटर हिस्सा धंस गया। दिल्ली, जामनगर, जबलपुर के हवाई अड्डों की छतों के हिस्से गिर गए।’’
यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण वे कोचिंग सेंटर हैं जिनकी पहुंच इतनी है कि वे बड़ी-बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक कराते हैं लेकिन एक भी ऐसे सेंटर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा, ‘‘यह आज ही नहीं हुआ है, बहुत पहले से पेपर लीक होने की खबरें आ रही हैं। लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। ’’
सपा नेता ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की संपत्तियों को घाटे का हवाला दे कर बेचा गया। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार को विस्तृत जानकारी देनी चाहिए कि आखिर बैंकों को उनकी वजह से कितना नुकसान हो गया और अरबपतियों को भारी मुनाफा क्यों हो रहा है।
बेरोजगारी का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि पेपर लीक युवाओं पर कहर की तरह टूट रहा है। उन्होंने कहा कि आरक्षण खत्म करने का सरकार का यह तरीका है कि वह रिक्तियां ही नहीं निकालती। इसके साथ ही अनुबंध पर नियुक्तियां होने लगीं जिनमें आरक्षण ही नहीं होता।
उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों पर पुन:विचार करने की जरूरत है।
इसी पार्टी के रामजी लाल सुमन ने कहा ‘‘सरकार आंकड़ों या इश्तिहारों से नहीं चलती, बल्कि जनता के भरोसे से चलती है। नरेन्द्र मोदी सरकार से आम आदमी का कोई रिश्ता नहीं है। यह केवल सरकारी उपक्रमों का निजीकरण करने पर तुली है। ’’
उन्होंने कहा ‘‘जब नए संसद भवन का उद्घाटन हुआ, जब राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, तब राष्ट्रपति कहां थीं? केवल दिखावे के लिए कहा जाता है कि हमने एक आदिवासी महिला को राष्ट्रपति बनाया।’’
चर्चा में हिस्सा ले रहे माकपा सदस्य ए ए रहीम ने कहा कि बेरोजगारी कई समस्याओं की जड़ है और सरकार को रिक्त पदों पर अविलंब भर्तियां करनी चाहिए।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के रायैगा कृष्णैया ने कहा कि सहयोगात्मक संघवाद की बात करना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि उस पर अमल भी करना चाहिए।
भाजपा के डॉ भागवत कराड़ ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि बीते दस साल में पूरी दुनिया में देश का सम्मान बढ़ा है, हमारे किसी भी शहर में आतंकी हमला नहीं हुआ, भारत एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण, किसानों के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए दूरगामी नीतियां इस देश को ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिलता है और 12 करोड़ लोगों को शौचालयों की सुविधा, 10 करोड़ लोगों को उज्ज्वला गैस योजना, 15 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ और 10 हजार औषधि केंद्रों में किफायती दामों में दवाएं उपलब्ध होना बड़ी उपलब्धियां हैं।
आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा ‘‘देश में दो शिक्षा व्यवस्था है। इनमें से एक शिक्षा व्यवस्था दिल्ली सरकार की बनाई हुई है जिसकी दुनिया ने सराहना की। दूसरी व्यवस्था में शिक्षा माफिया हावी है जिसके चलते नीट यूजी में करीब 35 लाख बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया।’’
उन्होंने कहा कि देश की 65 फीसदी आबादी 35 साल से कम उम्र की है लेकिन इन युवाओं को सरकार आखिर क्या दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत की औसत उम्र 29 साल है और देश में दुनिया की दूसरी सर्वाधिक छात्र आबादी है ‘‘लेकिन युवाओं के लिए हमने क्या किया?’’
चड्ढा ने कहा ‘‘आईपीएल यानी इंडियन पेपर लीक ने बहुत निर्ममता के साथ युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है। व्यापम घोटाला, नीट घोटाला, राजस्थान यूनिवर्सिटी एग्जाम पेपर लीक, हरियाणा पुलिस कांस्टेबल एग्जाम पेपर लीक, असम पेपर रिक्रूटमेंट एग्जाम पेपर लीड, दिल्ली यूनिवर्सिटी लॉ एग्जाम पेपर लीक.... यह सूची बहुत लंबी है। हम अपने देश के युवाओं को अच्छी शिक्षा, नौकरी... कुछ भी नहीं दे पाए।’’
उन्होंने कहा ‘‘सालों की मेहनत पर पानी फिरने की पीड़ा एक व्यक्ति का मनोबल पूरी तरह तोड़ देती है, उसका परिवार बिखर जाता है।’’
उन्होंने सवाल किया ‘‘एनटीए का फुलफार्म आज नो ट्रस्ट एलीमेंट हो गया है। नीट के पेपर में इस साल कैसे 67 बच्चों की रैंक वन आ गई ? जबकि पहले तो एक, दो या तीन बच्चों की रैंक वन आती थी। कैसे इस बार कृपांक दे कर नंबर बढ़ाए गए? नीट के परिणाम इस बार तय समय से पहले कैसे घोषित कर दिए गए? ’’
भाजपा के लहर सिंह सिरोया ने कहा ‘‘संविधान का गला घोंटने का आरोप लगाने वालों को साल 1975 याद करना चाहिए जब देश में आपातकाल लागू कर संविधान का गला घोंटा गया था।’’
उन्होंने कहा ‘‘शराब घोटाले पर आंदोलन कांग्रेस ने शुरु किया और आज अरविंद केजरीवाल जेल में हैं। आज कांग्रेस और द्रमुक साथ साथ हैं लेकिन एक समय था जब कांग्रेस की सरकार ने द्रमुक की कनिमोझी और ए राजा को जेल भेजा था।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता की खातिर आज विपक्ष में उन सबने हाथ मिला लिए जो जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे पर वार करने से नहीं चूकते।
मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति ने महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि किशोरावस्था में इसके टीके लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा ‘‘हमारी सामाजिक व्यवस्था ऐसी है जिसमें महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं। जब वे अस्पताल पहुंचती हैं तो उनमें सर्वाइकल कैंसर तीसरे या चौथे स्टेज पर होता है। उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है।’’
सुधा मूर्ति ने कहा, ‘‘कोविड काल में जब व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया गया तो महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए अभियान क्यों नहीं चलाया जा सकता। अगर सरकार हस्तक्षेप करे तो यह महंगा भी नहीं होगा। इससे बड़ी आबादी को लाभ होगा।’’
उन्होंने कहा कि लोग अक्सर अजंता, एलोरा, ताजमहल देखने जाते हैं। ‘‘लेकिन भारत में 42 धरोहर स्थल हैं जिनका न तो अधिक प्रचार प्रसार किया गया है और न ही उनके बारे में लोगों को जानकारी है। यह हमारा देश है और हमें इसकी संस्कृति की जानकारी होनी चाहिए।’’
सुधा मूर्ति ने कहा ‘‘दक्षिणी राज्यों में ही कई ऐसे स्थान हैं जिनका बेहद गौरवशाली इतिहास है। त्रिपुरा में उनाकोटी के बारे में कोई नहीं जानता जबकि यह स्थान 12,500 साल से भी अधिक पुराना है। कश्मीर का मुगल गार्डन धरोहर स्थल में शामिल नहीं है। इस ओर ध्यान देना चाहिए।’’
चर्चा में हिस्सा लेते हुए राजद के ए डी सिंह ने कहा कि सरकार कश्मीर में स्थिति को सामान्य बताती है लेकिन वहां की जनता खुश नहीं है।
निर्दलीय अजित कुमार भुयान ने कहा कि असम में हर साल आने वाली बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करना चाहिए।
भाकपा के संदोष कुमार पी ने कहा कि मणिपुर हम सबके लिए रिसता हुआ जख्म है और सरकार इसे नजरअंदाज कर रही है।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने दावा किया कि कांग्रेस ने बाबा साहब आंबेडकर को सम्मान नहीं दिया और उन्हें दो बार चुनाव में हरा दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आंबेडकर को भारत रत्न भी नहीं दिया जबकि मोदी सरकार ने उनके स्मारकों को विकसित किया।
चर्चा में भाजपा के सामिक भट्टाचार्य, मयंक भाई नायक, महेंद्र भट्ट, कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी, केसी (एम) सदस्य जोस के मणि, आईयूएमएल हारिस बीरन, मनोनीत सोनम मान सिंह ने भी भाग लिया।
भाषा
मनीषा