एसआईआर से पहले महाराष्ट्र के सीईओ के साथ बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने 40 बिंदुओं पर चर्चा की
सुरेश
- 20 May 2026, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
मुंबई, 20 मई (भाषा) महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में प्रस्तावित मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और फर्जी एवं दोहरे मतदाताओं के मुद्दे को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के साथ बैठक की।
आदित्य ठाकरे (शिवसेना-उबाठा), सचिन सावंत (कांग्रेस) और शशिकांत शिंदे (राकांपा-शरदपवार) ने यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया।
ठाकरे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में 40 से अधिक बिंदुओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा, "बैठक सकारात्मक रही, लेकिन हम इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन के तरीके पर नजर रख रहे हैं, क्योंकि एसआईआर का इस्तेमाल पश्चिम बंगाल और बिहार में चुनाव जीतने के लिए किया गया था।"
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित की जाने वाली प्रक्रिया है, जिसके तहत घर-घर जाकर सत्यापन, पहले से भरे प्रपत्रों और पुराने मतदाता आंकड़ों की जांच के माध्यम से मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जाता है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस वर्ष की शुरुआत में हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों से पहले महाविकास आघाडी और शिवसेना (उबाठा) द्वारा उठाए गए 17 लाख दोहरे और फर्जी मतदाताओं के मुद्दे पर भी सवाल उठाए।
ठाकरे ने दावा किया कि अधिकांश "दोहरे मतदाता" मराठी लोग हैं।
उन्होंने कहा कि अगले महीने शुरू होने वाली एसआईआर प्रक्रिया और उससे जुड़े मामलों के निपटारे में महाविकास आघाडी (एमवीए) में शामिल तीनों पार्टियां सक्रिय रूप से लोगों की मदद करेंगी। एमवीए दल इस दौरान घर-घर जाकर मानचित्रण भी करेंगे।
ठाकरे ने मांग की कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों की पहचान के लिए निर्वाचन आयोग विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करे।
उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दे महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, इसलिए एमवीए नेता इन मामलों के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग से संपर्क करेंगे।
सावंत ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पहले ही 52,000 बूथ-स्तरीय अधिकारी नियुक्त कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया को चुनाव जीतने के औजार के रूप में इस्तेमाल करते हुए भय और भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के लिए तीनों दल एक-दूसरे के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहे हैं।
शिंदे ने कहा कि एसआईआर के दौरान बूथ-स्तरीय अधिकारियों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए।
भाषा राखी सुरेश
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2005 2126 मुंबई