एक साथ चुनाव : संयुक्त संसदीय समिति ने गुजरात का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया
दिलीप
- 19 May 2026, 05:38 PM
- Updated: 05:38 PM
अहमदाबाद, 19 मई (भाषा) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने मंगलवार को गुजरात का अपना तीन दिवसीय दौरा शुरू किया।
इस दौरे का उद्देश्य हितधारकों के साथ चर्चा करना और इस मुद्दे पर उनके विचार जानना है।
भाजपा सांसद पी पी चौधरी की अध्यक्षता में 41 सदस्यीय संसदीय समिति एक साथ चुनाव कराने से संबंधित दो प्रस्तावित कानूनों - संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक - की जांच कर रही है।
समिति के सदस्य राज्य के नेताओं, निर्वाचित जन प्रतिनिधियों और अन्य से एक साथ चुनाव कराने के विषय पर चर्चा करने के लिए गांधीनगर स्थित गिफ्ट सिटी पहुंचे हैं।
अहमदाबाद पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की अवधारणा राष्ट्रीय हित में है और इसे कई संस्थाओं और समितियों का समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने कहा, ''उच्चतम न्यायालय के मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले भारतीय विधि आयोग ने भी कहा है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने चाहिए।''
चौधरी ने कहा कि नीति आयोग ने भी अपने लेखों में एक साथ चुनाव कराने की वकालत की है, जबकि विभिन्न राजनीतिक दलों के सदस्यों वाली संसद की स्थायी समिति ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा, ''इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट है कि राष्ट्र के कल्याण के लिए एक साथ चुनाव कराना अत्यंत आवश्यक है।''
भाजपा नेता ने चुनाव सुधार प्रक्रिया शुरू करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते हुए कहा कि केंद्र ने इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए एक समिति का गठन किया था।
चौधरी ने कहा, ''अपनी रिपोर्ट में इस समिति ने एक साथ चुनाव कराने की भी सिफारिश की है।''
उन्होंने बताया कि सिफारिशों के अनुसार, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने चाहिए, जबकि पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनाव संसदीय और विधानसभा चुनावों के 100 दिनों के भीतर पूरे हो जाने चाहिए।
चौधरी ने कहा कि समिति देश भर में हितधारकों से बातचीत करने और संसद को अपनी सिफारिशें सौंपने से पहले व्यापक सहमति बनाने के लिए दौरे कर रही है।
उन्होंने कहा, ''इस समिति में 41 सदस्य हैं, क्योंकि सभी राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना आवश्यक समझा गया। हम हितधारकों के साथ बातचीत करने और सभी दृष्टिकोणों को सुनने के लिए हर राज्य का दौरा कर रहे हैं।''
उन्होंने बताया कि समिति गुजरात पहुंचने से पहले महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक का दौरा कर चुकी है।
चौधरी ने कहा, ''हमारा प्रयास सभी की बात सुनना और सभी दृष्टिकोणों को ध्यान में रखना है। जब हम संसद को अपनी सिफारिशें सौंपेंगे, तो हमारा प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी हितधारकों के बीच व्यापक सहमति बनी हो।''
भाषा सुभाष दिलीप
दिलीप
1905 1738 अहमदाबाद