चढ़ावे को लेकर सनातन आस्था पर प्रहार कर रहे सपा-कांग्रेस 'वक्फ' के मुद्दे पर खामोश क्यों : योगी
जितेंद्र
- 07 Jul 2026, 04:20 PM
- Updated: 04:20 PM
प्रतापगढ़/सुलतानपुर, सात जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हमलावर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि सनातन आस्था पर प्रहार कर रहे ये दोनों दल 'वक्फ' के मुद्दे पर खामोश क्यों हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के सदर व विश्वनाथगंज विधानसभा क्षेत्रों में 384 करोड़ रुपये से अधिक की 111 विकास परियोजनाओं और सुलतानपुर में 819 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से निर्मित 99 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के बाद यह आरोप लगाये।
आदित्यनाथ ने अयोध्या के कथित चंदा चोरी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि ये लोग (सपा और कांग्रेस) एक घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करके हिंदुओं को अपमानित करने और आस्था पर प्रहार करने का काम कर रहे हैं, लेकिन अब यह देश कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के चंगुल में नहीं फंसने वाला है।
उन्होंने कहा, ''मैं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लोगों से पूछना चाहता हूं कि अयोध्या में जिस कथित चोरी को लेकर आप हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहे हैं, वक्फ के नाम पर प्रदेश में हजारों हेक्टेयर जमीन बेची गई....क्या उस पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक बार भी बोली?''
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जा रही है, मगर वक्फ के मुद्दे पर सपा और कांग्रेस के लोगों के मुंह पर 'फेविकोल' क्यों लग जाता है।
आदित्यनाथ ने कहा कि राम के अस्तित्व को नकारने वाले, अयोध्या में राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और हिंदू विरासत से जुड़े धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार से संबंधित रकम को कब्रिस्तान की चहारदीवारी पर खर्च करने वाले लोग अयोध्या के प्रति कब से आस्थावान हो गए?
उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के लोगों को राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''मुझे लगता है कि अब तो इन सपाइयों से और कांग्रेसियों से गिरगिट भी शरमा रहा होगा कि भाई देखो कम से कम एक नई प्रजाति आ गई है जो हमसे ज्यादा तेजी से रंग बदलती है।''
उन्होंने कहा कि जब सपा और कांग्रेस के लोग अयोध्या में राम भक्तों पर गोलियां और लाठी चलवाते थे, भगवान राम और कृष्ण को काल्पनिक कहते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन पर रोक लगाते थे, दुर्गा पूर्जा पंडालों पर रोक लगाते थे और अवैध बूचड़खानों में गौमाता की हत्या करवाते थे, क्या तब हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जागरूक नागरिक को सपा और कांग्रेस से यह प्रश्न करने चाहिये।
मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि—बाबरी मस्जिद मामले पर सुनाये गये फैसले में उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मुस्लिम समाज को मस्जिद बनाने के लिये दी गयी जमीन पर अब तक नींव नहीं रखी जाने का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा, "इन लोगों ने कितना अभ्यास कर लिया है। पिछले छह साल में बाबरी ढांचे का नामोनिशान नहीं है लेकिन राम भक्तों की आस्था पर प्रहार करने के लिये एक मुहिम चलायी जा रही है और देश-प्रदेश के साथ-साथ अयोध्या धाम को भी बदनाम किया जा रहा है।"
आदित्यनाथ ने कहा कि सपा और कांग्रेस ने वक्फ संशोधन कानून का विरोध किया।
उन्होंने कहा, "सपा और कांग्रेस चाहते हैं कि वक्फ के नाम पर लूट मची रहे, गरीब की जमीन पर कब्जा होता रहे और यह लोग मंदिरों को ऐसे ही बदनाम करते रहें और हिंदू आस्था को ऐसे ही आहत करते रहें। यह दोहरा आचरण स्वीकार नहीं किया जाना चाहिये।"
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने इन तमाम दलों के 'दलदल' को देखा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा करने वाले लोग राज्य का विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अपना सिर उठाते दिखायी दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''विपक्ष फिर से जाति के आधार पर समाज के ताने-बाने को बांटना चाहता है, छिन्न-भिन्न करना चाहता है। हमें इससे ऊपर उठना पड़ेगा। हमें इससे आगे बढ़ना होगा।''
आदित्यनाथ ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी मानसिकता माफिया राज पर विश्वास करने की थी और उसके शासन में गरीबों की कोई सुनवाई नहीं होती थी।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी दी है लेकिन 2017 से पहले यह एक सपना था क्योंकि तब नौजवानों की नौकरी पर 'सैफई घराना' डाका डालकर उसकी नीलामी करता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें हर जिले और हर थाना क्षेत्र में अपना एक गुंडा पालती थीं, जो गरीबों की जमीनों पर कब्जा कर सकें, राह चलती बेटियों पर छींटाकशी कर सके और व्यापारियों से छीना-झपटी कर सकें लेकिन अब नया उत्तर प्रदेश इसको स्वीकार नहीं करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश को कांग्रेस व सपा ने एक बीमारू राज्य बना दिया और नौजवानों के सामने पहचान का संकट था लेकिन अब यह प्रदेश एक बीमारू राज्य नहीं बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था के विकास इंजन के रूप में इसने अपनी एक नई पहचान बनाई है।
भाषा सलीम जितेंद्र
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