न्यायालय ने दिल्ली सरकार से डीईआरसी में नियमित नियुक्तियां करने की याचिका पर जवाब मांगा
माधव
- 18 May 2026, 06:33 PM
- Updated: 06:33 PM
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष और सदस्यों की नियमित नियुक्तियां करने के निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।
याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताते हुए, प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार के वकील अगली सुनवाई की तारीख पर इस मुद्दे पर निर्देश के साथ तैयार रहें।
यह पीठ गैर-सरकारी संगठन 'एनर्जी वॉचडॉग' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पिछले वर्ष अगस्त में न्यायालय के एक आदेश का हवाला दिया गया था। उस आदेश में, उच्चतम न्यायालय ने एक अलग याचिका पर सुनवाई करते हुए यह दर्ज किया था कि दिल्ली सरकार की ओर से पेश वकील ने आश्वासन दिया था कि डीईआरसी में नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी की जाएगी।
याचिकाकर्ता एनजीओ की ओर से अधिवक्ता प्रणव सचदेवा उच्चतम न्यायालय में पेश हुए, जिसने मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
याचिका में कहा गया है कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष दिए गए आश्वासन, विद्युत अधिनियम, 2003 के स्पष्ट वैधानिक प्रावधानों और अप्रैल 2018 के उस फैसले के बावजूद, जिसमें आयोग के सदस्य के रूप में एक न्यायिक सदस्य/कानून के जानकार व्यक्ति को शामिल करना अनिवार्य किया गया था, दिल्ली सरकार डीईआरसी में नियमित नियुक्तियां करने के लिए कोई कदम उठाने में विफल रही।
इसमें दावा किया गया कि डीईआरसी की वर्तमान संरचना पूरी तरह से कानून के विपरीत है क्योंकि इसमें केवल दो कार्यवाहक सदस्य हैं, और इसमें अध्यक्ष के साथ-साथ कानून के जानकार व्यक्ति का भी अभाव है।
याचिका में कहा गया, "अस्थायी सदस्य क्योंकि न्याय के हित में इस न्यायालय द्वारा तैयार की गई एक तदर्थ व्यवस्था के तहत ही कार्य कर रहे हैं... इसलिए याचिकाकर्ता को उनकी नियुक्तियों को रद्द करने और कानून के अनुसार नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश प्राप्त करने के लिए इस न्यायालय में आना पड़ रहा है।"
इसमें कहा गया है कि न्यायिक सदस्य/कानून के जानकार व्यक्ति की अनुपस्थिति के कारण डीईआरसी अपने न्यायिक कार्यों के निर्वहन में पूरी तरह से असमर्थ हो गया है।
याचिका में दिल्ली सरकार को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जिसमें यह बताया गया हो कि उसने पिछले साल अगस्त में शीर्ष अदालत को नियमित नियुक्तियां शीघ्रता से करने के अपने आश्वासन का पालन करने के लिए क्या कदम उठाए हैं, यदि कोई कदम उठाए गए हैं।
याचिका में दिल्ली सरकार को यह निर्देश देने की भी मांग की गई कि वह डीईआरसी के सदस्यों की नियमित नियुक्ति के लिए तत्काल एक चयन समिति का गठन करे।
भाषा प्रशांत माधव
माधव
1805 1833 दिल्ली