जयशंकर ने भारत और त्रिनिदाद- टोबैगो के बीच प्रगाढ़ संबंधों की वकालत की
आशीष
- 08 May 2026, 11:13 PM
- Updated: 11:13 PM
परामारिबो, आठ मई (भाषा) विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि देशों के बीच मौजूद ''गहरी समानताएं'' अब एक मजबूत और स्थिर साझेदारी के आधार के रूप में विकसित होनी चाहिए।
त्रिनिदाद-टोबैगो की यात्रा से पहले जयशंकर ने बृहस्पतिवार को 'त्रिनिदाद और टोबैगो डेली एक्सप्रेस' अखबार में लिख लेख में कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध ''इतिहास, मानवीय जुड़ाव और साझा आकांक्षाओं के एक अद्वितीय संगम'' को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंध लोगों के आवागमन से विकसित होकर उद्देश्यपूर्ण साझेदारी में तब्दील हो गए हैं। विदेश मंत्री ने कहा, ''आज, जब हम तेजी से अशांत और अप्रत्याशित दुनिया में आगे बढ़ रहे हैं, तो यह अनिवार्य है कि ये गहरी समानताएं अब एक मजबूत और स्थिर साझेदारी के आधार के रूप में विकसित होनी चाहिए।''
पिछले साल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ इस कैरेबियन देश की आधिकारिक यात्रा कर चुके जयशंकर ने कहा कि उनकी मौजूदा यात्रा का उद्देश्य सहयोग को प्रगाढ़ करना और आगे की संभावनाओं पर चर्चा करना होगा।
उन्होंने कहा, ''बीते एक साल में दुनिया और इस क्षेत्र में बहुत कुछ बदल गया है। इन घटनाक्रम ने हमारी साझेदारी के महत्व को और स्पष्ट किया है तथा इसे और आगे बढ़ाने की आवश्यकता को मजबूती से सामने रखा है।''
जयशंकर ने पिछली यात्रा के दौरान हासिल किए गए सहयोग को रेखांकित किया। इनमें विकास सहयोग के लिए उठाए गए कदम और त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर शामिल हैं। उन्होंने कहा, ''हम साथ मिलकर और भी बहुत कुछ कर सकते हैं, जिसकी मैं अपनी यात्रा के दौरान मंथन करने की उम्मीद करता हूं।''
उन्होंने कहा, ''भारत और त्रिनिदाद-टोबैगो दोनों का इतिहास उपनिवेशवाद से जुड़ा रहा है, और उसके बाद दोनों देशों ने संप्रभुता हासिल कर लोकतांत्रिक मार्ग को अपनाया है।''
जयशंकर ने कहा, ''आज, जीवंत लोकतंत्रों और बाजार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, हमारे समाज विविधता और बहुलवाद से शक्ति प्राप्त करना जारी रखे हैं। यह साझा ऐतिहासिक अनुभव और लोकतांत्रिक लोकाचार हमारी समकालीन साझेदारी के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।''
विदेश मंत्री ने द्विपक्षीय व्यापार में हुई अहम वृद्धि का उल्लेख किया, जो पिछले पांच वर्षों में लगभग दोगुना होकर अब 35 करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और दवाइयां, ऑटोमोबाइल और मशीनरी, लोहा और इस्पात, वस्त्र जैसे क्षेत्रों में भी व्यापार में वृद्धि हुई है।
जयशंकर ने द्विपक्षीय सहयोग की ''असीमित संभावनाओं'' को रेखांकित किया।, जिसका विस्तार भारत के ''पिछले दशक में हुए व्यापक बदलाव'' से हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत के विकास के अनुभव त्रिनिदाद-टोबैगो के बदलाव के प्रासंगिक मॉडल हो सकते हैं।
विदेश मंत्री ने कहा कि 'कम्युनिटी (समुदाय), कल्चर (संस्कृति), क्रिकेट, कैरिकॉम (कैरिबियाई देशों का संगठन) और कॉमनवेल्थ (राष्ट्रमंडल)' के '5सी' में से प्रत्येक साझेदारी को एक अतिरिक्त आयाम प्रदान करता है।
उन्होंने कहा, ''हमने कठिन समय में, विशेष रूप से कोविड महामारी के दौरान, एक-दूसरे का साथ दिया है। भविष्य की अनिश्चितताओं पर विचार करते हुए, यह विश्वास हमारे लिए बहुत सहायक साबित होगा।''
जयशंकर तीन कैरिबियाई देशों जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद - टोबैगो की यात्रा पर हैं।
भाषा धीरज आशीष
आशीष
0805 2313 परामारिबो (सूरीनाम)