स्थानीय नेताओं ने कहा था राहुल के विजय संग चुनाव प्रचार से 180-190 सीट पर जीत संभव: चोडणकर
माधव
- 05 May 2026, 08:35 PM
- Updated: 08:35 PM
चेन्नई, पांच मई (भाषा) तमिलनाडु के कांग्रेस प्रभारी गिरीश चोडणकर ने मंगलवार को स्वीकार किया कि द्रमुक नीत गठबंधन के साथ बने रहने का कांग्रेस नेतृत्व का निर्णय, टीवीके के पक्ष में जमीनी स्तर की मजबूत भावनाओं के खिलाफ था।
'पीटीआई वीडियो' से चोडणकर ने कहा, ''स्थानीय नेताओं और जमीनी स्तर के नेताओं का सुझाव था कि यदि राहुल गांधी, जिनकी तमिलनाडु में व्यापक स्वीकार्यता है, विजय के साथ चुनाव प्रचार में शामिल होते हैं, तो इसका बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा और हम तमिलनाडु चुनावों में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए लगभग 180-190 सीटें हासिल कर सकते हैं।''
उन्होंने कहा कि 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया) गठबंधन की मजबूरियों और द्रमुक के पुराने व भरोसेमंद साथी होने के कारण पार्टी नेतृत्व ने उसी के साथ बने रहने का फैसला किया, जबकि यह जानते थे कि टीवीके बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली है।
तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की जीत पर चोडणकर ने कहा कि नयी पार्टी के पक्ष में चली लहर में युवाओं और महिलाओं ने बदलाव के लिए निर्णायक रूप से मतदान किया, जिसका असर इतना गहरा रहा कि खुद मुख्यमंत्री को भी अपनी सीट गंवानी पड़ी।
चोडणकर ने माना कि टीवीके से नहीं जुड़़ने के फैसले से पार्टी के कई कार्यकर्ता नाराज हो गए और कुछ टीवीके की तरफ चले गए, यहां तक कि कुछ ने उसकी ओर से चुनाव भी लड़ा। उन्होंने कहा, ''हमारे कार्यकर्ता नाराज हुए, हमारे मतदाता भी और वे टीवीके की तरफ चले गए।''
हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया कि यह फैसला कुछ लोगों के निजी हित में लिया गया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने सोच-समझकर और सावधानी से यह निर्णय लिया।
चुनाव के बाद के गठबंधन की संभावनाओं पर चोडणकर ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मौजूदा राजनीतिक हालात से अवगत करा दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी जनादेश का सम्मान करेगी और कांग्रेस नेतृत्व तमिलनाडु की संस्कृति व विचारधारा के हित में फैसला करेगा।
चोडणकर ने कहा, ''जनादेश बदलाव के पक्ष में है। हमें भी तमिलनाडु की जनता के इस जनादेश के सामने नतमस्तक होना होगा। हम जनादेश के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते।''
विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली सत्ताधारी द्रमुक को करारी शिकस्त देते हुए 108 सीटें जीतीं, जबकि द्रमुक को केवल 59 सीटें ही मिलीं।
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की सहयोगी कांग्रेस को पांच सीटें ही मिल सकीं।
कांग्रेस सचिव (तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी) अल्वा निवेदिथ ने कहा कि तमिलनाडु में पार्टी के विधायक दल के नेतृत्व का फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा।
नवनिर्वाचित विधायकों और प्रदेश इकाई के प्रमुख से मुलाकात के बाद, निवेदिथ ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ही राज्य में कांग्रेस के भविष्य के राजनीतिक रोडमैप का निर्धारण करेगा।
भाषा आशीष माधव
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