पप्पू यादव पटना उच्च न्यायालय जाएं : न्यायालय
नरेश
- 04 May 2026, 02:34 PM
- Updated: 02:34 PM
नयी दिल्ली, चार मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को लोकसभा सदस्य राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को अनुमति दी कि वह अपनी सुरक्षा 'वाई' से 'जेड' श्रेणी में अद्यतन करने के अनुरोध वाली लंबित याचिका को पटना उच्च न्यायालय में सूचीबद्ध करने के लिए अदालत से संपर्क करें।
बिहार के पूर्णिया संसदीय क्षेत्र से मौजूदा सांसद यादव ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह से कथित खतरे का हवाला देते हुए अपनी सुरक्षा बढ़ाने का अनुरोध किया है।
सांसद के वकील ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को बताया कि उच्च न्यायालय ने 19 नवंबर, 2024 को यादव की सुरक्षा को बढ़ाने के अनुरोध वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था, लेकिन न तो वह आदेश अपलोड किया गया और न ही मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।
पीठ ने उनके वकील से पूछा, ''क्या आपको 'जेड' श्रेणी की जरूरत है?''
यादव के वकील ने कहा कि सांसद को बिश्नोई गिरोह से धमकियां मिली हैं और उच्च न्यायालय में बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उनकी याचिका नवंबर 2024 के बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सांसद को 'वाई प्लस' सुरक्षा दी गई थी, लेकिन वह केवल कागजों पर थी।
पीठ ने उनके वकील से पूछा, ''क्या आपके पास निजी सुरक्षाकर्मी हैं?'' इस पर यादव के वकील ने बताया कि सांसद के पास निजी सुरक्षाकर्मी नहीं हैं।
यादव के वकील ने कहा कि उनका केवल यही अनुरोध है कि उच्च न्यायालय में लंबित याचिका की सुनवाई हो।
पीठ ने उन्हें उच्च न्यायालय में औपचारिक आवेदन दाखिल करने की अनुमति दी जिसमें उनकी लंबित याचिका को सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया हो।
शीर्ष अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि उच्च न्यायालय इस अनुरोध पर विचार करेगा और उचित आदेश पारित करेगा।
'वाई' श्रेणी के लिए 11 सुरक्षा कर्मियों और 'जेड' श्रेणी के लिए 22 सुरक्षा कर्मियों को आवंटित किया जाता है।
केंद्रीय सुरक्षा सूची के अंतर्गत 'वीआईपी' (अति विशिष्ट व्यक्ति) सुरक्षा कवर में उच्चतम 'जेड-प्लस (एएसएल)' से लेकर 'जेड-प्लस', 'जेड', 'वाई', 'वाई-प्लस' और 'एक्स' की सुरक्षा श्रेणियां शामिल हैं।
भाषा सुरभि नरेश
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