महाराष्ट्र: पुणे में यौन उत्पीड़न के बाद चार वर्षीय बच्ची की हत्या, 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
दिलीप
- 02 May 2026, 08:43 PM
- Updated: 08:43 PM
पुणे, दो मई (भाषा) महाराष्ट्र के पुणे जिले की भोर तहसील में चार वर्षीय बच्ची का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या करने के आरोप में आपराधिक इतिहास वाले 65 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
इस घटना के बाद इलाके में उग्र प्रदर्शन शुरू हो गये।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पेशे से मजदूर आरोपी शुक्रवार को खाना खिलाने का लालच देकर बच्ची को मवेशियों के बाड़े में ले गया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने बाद में पत्थर से वार कर बच्ची की हत्या कर दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी को एक घर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने बताया कि फुटेज में आरोपी बच्ची के साथ नजर आया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि बाद में आरोपी को पुणे के सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे सात मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
मराठा संगठनों के सदस्यों ने अदालत परिसर में आरोपी को ले जा रहे पुलिस वाहन को रोकने की कोशिश की।
इस घटना से भोर क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया, सैकड़ों ग्रामीण स्थानीय चौकी पर जमा हो गए और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
उन्होंने मुंबई-बेंगलुरु राजमार्ग को भी जाम कर दिया।
पुणे (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले में 15 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल कर दिया जाएगा और सुनवाई में तेजी लाई जाएगी।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "आरोपी का आपराधिक इतिहास है, उसके खिलाफ 1998 और 2015 में मामले दर्ज किए गए थे। दोनों मामलों में उसे बरी कर दिया गया था। वह एक मजदूर है और आमतौर पर गांव में घूमता रहता है और कभी-कभार काम करता है।"
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक व गहरा दुखदायी' बताया और त्वरित सुनवाई का वादा किया।
फडणवीस गृह विभाग के प्रमुख भी हैं। उन्होंने कहा, "हम उच्च न्यायालय से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने का अनुरोध करेंगे। आरोपी को जल्द से जल्द मौत की सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।"
फडणवीस ने यह भी कहा कि इस घटना का राजनीतिकरण करना असंवेदनशील है।
उन्होंने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने इस घटना को 'बेहद निंदनीय' बताते हुए आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की।
उन्होंने कहा, "ऐसे अपराधी समाज में खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? जब मैं महा विकास आघाडी सरकार में गृह मंत्री था, तब हमने शक्ति अधिनियम (महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए कठोर सजा का प्रावधान) लागू किया था, जिसे केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। इस कानून की सख्त जरूरत है लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इसे लागू करने के बजाय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं।"
देशमुख ने कहा, "अगर यह सख्त कानून लागू होता, तो इस दरिंदे (आरोपी) को 15 दिनों के भीतर मौत की सजा मिल जाती।"
फडणवीस ने इससे पहले कहा था कि शक्ति विधेयक राज्य विधानसभा द्वारा 2020 में पारित किया गया था और राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा गया था, लेकिन राष्ट्रपति ने इसे वापस भेज दिया था।
राकांपा (शप) के नेता सुप्रिया सुले और रोहित पवार पीड़ित परिवार के गांव गये।
सुले ने कहा कि वह मंगलवार को फडणवीस से मिलेंगी और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी।
पीड़ित परिवार, जिस गांव में रहता है वह बारामती लोकसभा क्षेत्र में आता है।
सांसद ने कहा, "इस आरोपी को पिछले आपराधिक मामलों में जमानत कैसे मिल गई? इस मामले में त्वरित सुनवाई होनी चाहिए।"
उन्होंने अफसोस जताया कि राज्य महिला आयोग में फिलहाल कोई अध्यक्ष नहीं है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप
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